शीतला माता मंदिर हादसा: दोस्तों का इंतजार कर रहा था 18 साल का विमलेश, बेकाबू ट्रक ने छीन ली जिंदगी
विमलेश अपने चार दोस्तों के साथ मंदिर दर्शन के लिए शनिवार को घर से निकले थे। वह मंदिर पहुंचे। जहां रात के समय दोस्तों हाथ मुंह धोने के लिए थोड़ी दूर चल...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 18 Oct 2026 04:45:09 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Oct 2026 04:45:40 PM (IST)
मृतक विमलेश का फाइल फोटो।HighLights
- दोस्तों का इंतजार बना काल
- गांव पहुंचा शव, पसरा मातम
- मेले में भारी वाहनों पर सवाल
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। ग्वालियर के शीतला माता मंदिर पर दर्शन करने वालों को नहीं पता था कि सप्तमी की रात उनके लिए काली साबित हो सकती है। जिस अनियंत्रित ट्रक ने लोगों को मौत की नींद सुला दिया उनमें शिवपुरी जिले के सीहोर का 18 वर्षीय विमलेश पुत्र बबलू बघेल भी शामिल है।
विमलेश चार दोस्तों के साथ गया था मंदिर
विमलेश अपने चार दोस्तों के साथ मंदिर दर्शन के लिए शनिवार को घर से निकले थे। वह मंदिर पहुंचे। जहां रात के समय दोस्तों हाथ मुंह धोने के लिए थोड़ी दूर चले गए। विमलेश ने कह दिया था कि मुझे फ्रेश नहीं होना है मैं यहीं बैठकर इंतजार कर रहा हूं तुम जल्दी आना। दोस्तों के आने का इंतजार विमलेश मंदिर परिसर में बैठकर कर रहा था। अचानक अनियंत्रित ट्रक और कई लोगों को चपेट में ले गया। हादसे में विमलेश की भी मौत हो गई।
विमलेश के स्वजन ने बताया कि वह पांच दोस्त मंदिर दर्शन के लिए गए थे। हादसे के बाद दोस्तों ने बताया कि बताया कि वह हाथ मुंह धोने के लिए चले गए थे इतने में अनियंत्रित ट्रक आया और लोगों को कुचलता चला गया। ट्रक की चपेट में विमलेश भी आ गया था और उसकी मौत हो गई।
दोपहर में हुआ अंतिम संस्कार, गांव हुआ गमगीन
मृतक की बॉड़ी रविवार को सीहोर पहुंची। जहां अंतिम संस्कार किया गया। नवरात्र में हुई घटना के बाद से गांव में गमगीन माहौल हो गया है। स्वजन का कहना है कि जब इतना बड़ा मेला लग रहा है और नवरात्र चल रहे हैं रोजाना भीड़ हो रही है तो फिर भारी वाहनों को आने ही क्यों दिया गया। अगर ट्रक को घुसने नहीं दिया जाता तो यह हादसा नहीं होता और लोगों की जान नहीं जाती।