शिवपुरी: सियार के काटने पर लगा इंजेक्शन, तड़पकर महिला की मौत, शव रेफर करने पर बवाल
स्वजन के मुताबिक महिला पूरी तरह स्वस्थ हालत में खुद अपने पैरों पर चलकर अस्पताल पहुंची। अस्पताल में सुबह करीब 11:30 बजे उसे चलते-फिरते कई लोगों ने देखा...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 08:53:01 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 08:53:40 PM (IST)
HighLights
- सियार के काटने पर लगा था एंटी रेबीज का दूसरा डोज
- परिजनों का आरोप- 'अस्पताल में हुई मौत, फिर भी किया रेफर'
- बीएमओ के बयान पर विवाद, सीसीटीवी फुटेज मांगने की उठी मांग
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। कोलारस अस्पताल में गुरुवार की सुबह सियार के काटने से पीड़ित महिला अपने पैरों पर चलकर दूसरे इंजेक्शन के लिए अस्पताल गई थी, नर्स के इंजेक्शन लगाते ही वहीं तड़प कर मर गई। मौत के बाद भी डॉक्टरों ने उसे जिंदा बताकर शिवपुरी रेफर कर दिया।
गुरुवार को दूसरे डोज की थी तारीख
जानकारी के अनुसार मृतका सीमा पत्नी रामप्रसाद केवट उम्र 45 साल निवासी मुबारिकपुर कोलारस है। 20 सितंबर की शाम वह रेशम माता मंदिर के पास अपने घर के बाहर बैठकर सब्जी काट रही थी, तभी पीछे से आए सियार ने उसे काट लिया।
उसी रात स्वजन उसे कोलारस स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां इलाज हुआ और डॉक्टरों ने एंटी रेबीज वैक्सीन का पहला डोज लगा दिया। महिला पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट आई। गुरुवार को दूसरे डोज की तारीख थी।
दूसरा डोज लगते ही महिला तड़पने लगी
स्वजन के मुताबिक महिला पूरी तरह स्वस्थ हालत में खुद अपने पैरों पर चलकर अस्पताल पहुंची। अस्पताल में सुबह करीब 11:30 बजे उसे चलते-फिरते कई लोगों ने देखा भी है। आरोप है कि जैसे ही नर्स रीना नरवरिया ने एआरबी का सेकंड डोज लगाया, महिला अचानक तड़पने लगी और वहीं उसकी मौत हो गई। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात इसके बाद की है।
पुलिस ने किया केस दर्ज
स्वजन का आरोप है कि महिला की अस्पताल में ही मौत हो चुकी थी, इसके बावजूद डॉक्टरों ने उसे शिवपुरी रेफर कर दिया। घबराए स्वजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। बाद में पुलिस ने मर्ग कायम कर पीएम कराया।
इस पूरे मामले पर पर्दा डालने के लिए कोलारस बीएमओ संजय राठौर का बयान सामने आया है। बीएमओ का कहना है कि महिला अस्पताल में बेहोशी की हालत में आई थी।
इस पर मृतका के स्वजन का कहना है कि बीएमओ अपने स्टाफ की गलती को छुपाने के लिए साफ झूठ बोल रहे हैं, अगर वह सही हैं तो अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की वीडियो सार्वजनिक कर दें, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
मामला मेरे संज्ञान में आया है, हमने मेडिकल कॉलेज में उसका पीएम करवा दिया है। पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। इसके अलावा मैंने ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. तनु गुप्ता को सेम्पलिंग के लिए कहा है। वह वहां जाकर चैक करेंगे कि इंजेक्शन कौन से बैच का था, आदि। हमने मामले की जानकारी भोपाल भी दे दी है। -डॉ. संजय ऋषिश्वर, सीएमएचओ शिवपुरी।
महिला बेहोशी की हालत में अस्पताल आई थी, इंजेक्शन लगते ही उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। डाक्टरों ने उसे रेफर नहीं किया, उसके स्वजन ही उसे अपनी मर्जी से मेडिकल कॉलेज ले गए थे। - डॉ. संजय राठौर, बीएमओ, कोलारस।