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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्र में आठ दिन में पांच सर्वार्थसिद्धि व चार बार रवियोग

चैत्र नवरात्र का आरंभ हो गया है, जो हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होता है। इस वर्ष नवरात्र आठ दिन के रहेंगे। पर्...और पढ़ें

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sun, 30 Mar 2025 08:01:00 AM (IST)Updated Date: Sun, 30 Mar 2025 10:13:38 PM (IST)
Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्र में आठ दिन में पांच सर्वार्थसिद्धि व चार बार रवियोग
मां हरसिद्धि मंदिर उज्जैन, मां बगलामुखी नलखेड़ा और देवास की टेकरी पर विराजित मां तुलजा भवानी और चामुंडा।

HighLights

  1. नवरात्र में तंत्र, मंत्र, यंत्र की सिद्धि के लिए भी यह योग विशेष है।
  2. चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर पांच अप्रैल को उज्जैन में नगर पूजा होगी।
  3. शक्तिपीठ हरसिद्धि में आरती के समय दीपमालिका प्रज्वलित होगी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन(Chaitra Navratri 2025)। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, गुड़ी पड़वा पर आज सर्वार्थसिद्धि योग के महासंयोग में चैत्र नवरात्र का आरंभ हो गया है। इस बार तिथि क्षय के कारण नवरात्र आठ दिन के रहेंगे। पर्वकाल में पांच बार सर्वार्थसिद्धि तथा चार बार रवियोग का संयोग बन रहा है। पं. अमर डब्बावाला ने बताया कि विशिष्ट योग संयोग की उपस्थिति में देवी दुर्गा की आराधना शुभफल प्रदान करने वाली मानी गई है। तंत्र, मंत्र, यंत्र की सिद्धि के लिए भी यह योग विशेष है।

देश के 52 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर में सुबह छह बजकर 15 मिनट पर घट स्थापना हुई। पुजारी महंत रामचंद्र गिरि ने बताया कि शक्तिपीठ की पूजन परंपरा में नवरात्र के नौ दिन माता हरसिद्धि शयन नहीं करती हैं, इसलिए मंदिर में शयन आरती नहीं होती है।


शक्तिपीठ में शाक्त पूजन(शक्ति पूजा) का विधान है। चैत्र व शारदीय नवरात्र में दोपहर 12 बजे कलेक्टर माता हरसिद्धि की पूजा- अर्चना करने आते हैं। शक्तिपीठ की मान्यता में यहां माता सती के दाहिने हाथ की कोहनी गिरी थी। नवरात्र में प्रतिदिन शाम सात बजे संध्या आरती के समय दीपमालिका प्रज्वलित की जाएगी।

घट स्थापना के शुभ मुहूर्त

  • सुबह आठ से 9.30 बजे तक चंचल
  • सुबह 9.30 से 11 बजे तक लाभ
  • सुबह 11 से दोपहर 12.30 तक अमृत व अभिजीत
  • दोपहर दो से 3.30 बजे तक शुभ

सर्वार्थसिद्धि व रवियोग कब-कब

  • 30 मार्च : शाम चार बजे से रात्रि पर्यंत सर्वार्थसिद्धि व रवियोग
  • एक अप्रैल : सुबह 11.8 बजे से सर्वार्थसिद्धि व रवियोग
  • दो अप्रैल : सुबह 8.50 बजे से सर्वार्थसिद्धि व रवियोग
  • चार अप्रैल : सुबह पांच बजे ब्रह्म मुहूर्त से सर्वार्थसिद्धि योग
  • छह अप्रैल : पुष्य नक्षत्र की साक्षी में सर्वार्थसिद्धि व रवि योग

हरसिद्धि व गढ़कालिका में प्रज्वलित होगी दीपमालिका

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शक्तिपीठ हरसिद्धि में प्रतिदिन संध्या आरती के समय दीपमालिका प्रज्वलित होगी। भक्त मंदिर कार्यालय में 3100 रुपये की शासकीय रसीद कटवाकर दीपमालिका की बुकिंग करा सकते हैं।

सिद्धपीठ गढ़कालिका माता मंदिर में भी प्रतिदिन संध्या आरती में दीपमालिका प्रज्वलित होगी। भक्त मंदिर कार्यालय में 3300 रुपये की शासकीय रसीद कटवाकर दीपमालिका की बुकिंग करा सकेंगे।

अष्टमी पर नगर पूजा होगी

चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर पांच अप्रैल को नगर पूजा होगी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज पूजा-अर्चना करेंगे। सुबह आठ बजे गुदरी चौराहा स्थित माता महामाया व महालया की पूजा- अर्चना के साथ नगर पूजा शुरू होगी। इसके बाद 40 से अधिक देवी व भैरव मंदिर में पूजा अर्चना की जाएगी।

मतांतर से तृतीया व पंचमी का क्षय

पं. डब्बावाला ने बताया पंचांग की गणना दो प्रकार से की जाती है। पहली चित्राकैतकी तथा दूसरी गृहलाघवी, इसलिए तिथि की गणना में मतांतर आता है। चैत्र नवरात्र के संबंध में भी यही हुआ है। चित्रा कैतकी पद्धति वाले पंचांग में तृतीया व ग्रह लाघवी पद्धति वाले पंचांग में पंचमी तिथि का क्षय बताया गया है।

सिद्धार्थी संवत्सर का स्वागत करेंगे नगरवासी

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर रविवार को हिंदू नववर्ष विक्रम नवसंवत्सर सिद्धार्थी 2082 का आरंभ होगा। नगरवासी शिप्रा के दत्त अखाड़ा व रामघाट पर सुबह छह बजकर 27 मिनट पर शंख व घंटे-घड़ियाल की मंगल ध्वनि के साथ सूर्य को अर्घ्य प्रदान कर नए वर्ष का स्वागत करेंगे। महाकाल मंदिर के शिखर पर नया ध्वज लगाया जाएगा।

मां बगलामुखी

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नलखेड़ा (आगर–मालवा) : मां बगलामुखी मंदिर को सजाया गया है। भक्तों की सुविधा के लिए मुख्य द्वार के बाहर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। सुबह माता का आकर्षक शृंगार व विशेष पूजन किया जाएगा। नवरात्र के प्रथम दिन मंगला आरती में हजारों भक्ति शामिल होंगे। सुबह 10:30 बजे मां बगलामुखी को 56 प्रकार के पकवानों का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद पीतांबरा सेवा समिति द्वारा प्रसादी की व्यवस्था भी की गई है।

माता टेकरी

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देवास में माता टेकरी पर तुलजा भवानी और चामुंडा माता के मंदिर में सुबह घटस्थापना होगी। सुबह-शाम आरती के साथ माता का शृंगार किया जाएगा। श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, इसके लिए रपट मार्ग पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। पेयजल की व्यवस्था रहेगी। टेकरी पर भिक्षुकों को प्रतिबंधित करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं। शनिवार को पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी।