टीकमगढ़ में बान सुजारा बांध के खुले 4 गेट, निचले इलाकों में अलर्ट
बान सुजारा परियोजना के अधिकारियों के मुताबिक यदि ऊपरी हिस्सों से आवक और बढ़ी तो खोले गए गेटों की संख्या में इजाफा किया जा सकता है। पानी छोड़े जाने से ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 13 Sep 2026 05:52:02 PM (IST)Updated Date: Sun, 13 Sep 2026 05:52:38 PM (IST)
बान सुजारा बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी होती हुई। नईदुनियाHighLights
- बान सुजारा बांध के खुले 4 गेट
- धसान नदी के तटों पर अलर्ट जारी
- इस सीजन 17 इंच कम हुई बारिश
नईदुनिया प्रतिनिधि, टीकमगढ़। जिले में स्थित बान सुजारा बांध के गेट रविवार को एक बार फिर खोल दिए गए हैं। पिछले पांच दिनों से बंद पड़े बांध के द्वारों को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश के कारण धसान नदी में पानी की आवक बढ़ने के बाद दोबारा खोलना पड़ा। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर निचले इलाकों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को नदी क्षेत्र से दूर रहने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
सुजारा बांध क्षमता 316.50 मीटर
बान सुजारा परियोजना के अनुविभागीय अधिकारी आरएस शेजवार ने बताया कि बांध की कुल जलभराव क्षमता 316.50 मीटर है। धसान नदी से लगातार हो रही पानी की आवक के कारण रविवार सुबह जलस्तर 316.35 मीटर तक पहुंच गया, जो कुल क्षमता का लगभग 97.20 प्रतिशत है।
जलस्तर तेजी से बढ़ने और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए सुबह 10 बजे पहले से खुले दो गेटों के अलावा दो और गेट 0.50-0.50 मीटर तक खोल दिए गए। वर्तमान में कुल चार गेटों के माध्यम से 280 घन मीटर प्रति सेकंड की गति से सुरक्षित रूप से पानी की निकासी की जा रही है। बांध में धसान नदी से लगभग 235 घन मीटर प्रति सेकंड की दर से पानी आ रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक यदि ऊपरी हिस्सों से आवक और बढ़ी तो खोले गए गेटों की संख्या में इजाफा किया जा सकता है। पानी छोड़े जाने से धसान नदी के निचले तटीय क्षेत्रों में जलस्तर 6 से 8 फीट तक बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं।
इस सीजन सामान्य से कम वर्षा
इस सीजन में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार जिले की औसत सामान्य वर्षा 1000.2 मिलीमीटर है, जिसके मुकाबले 1 जून से 13 सितंबर तक औसतन 901.3 मिलीमीटर यानी लगभग 35.5 इंच बारिश दर्ज हुई है। यह आंकड़ा सामान्य बारिश का 90.1 प्रतिशत है।
हालांकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 1323.5 मिलीमीटर यानी 52.1 इंच बारिश हुई थी। इस तरह गत वर्ष की तुलना में इस बार जिले में करीब 17 इंच यानी 31.9 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। तहसीलवार आंकड़ों में पलेरा 1364 मिलीमीटर बारिश के साथ सबसे आगे है, जबकि लिधौरा में सबसे कम 542 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।