छतरपुर में सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा का भव्य समापन: पं. धीरेंद्र शास्त्री ने दिया 'जाति-पात से ऊपर उठकर' एकजुट होने का संदेश
11 अक्टूबर से प्रारंभ हुई यह यात्रा सागर, शाहगढ़ और घुवारा होते हुए बुधवार देर रात बड़ागांव धसान, समर्रा व पपौरा चौराहा के रास्ते पीजी कालेज परिसर पहु...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 11:05:34 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 11:26:08 PM (IST)
छतरपुर शहर में सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा के दौरान रथ में सवार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री लोगों का अभिवादन करते हुए। नईदुनिया।HighLights
- छतरपुर में जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
- बेटियां दुर्गा-काली का स्वरूप बनें: शास्त्री
- युवाओं से की नशामुक्त समाज की अपील
नईदुनिया प्रतिनिधि, टीकमगढ़/ छतरपुर। सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा लेकर टीकमगढ़ पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पलक-पावड़े बिछाकर भव्य स्वागत किया। 11 अक्टूबर से प्रारंभ हुई यह यात्रा सागर, शाहगढ़ और घुवारा होते हुए बुधवार देर रात बड़ागांव धसान, समर्रा व पपौरा चौराहा के रास्ते पीजी कॉलेज परिसर पहुंची। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं ने आतिशबाजी की, बैकहो लोडर से पुष्पवर्षा की तथा महिलाओं ने मंगल कलश सजाकर अगवानी की।
छतरपुर में रथ यात्रा का हुआ समापन
देर रात रथ यात्रा का समापन छतरपुर पहुंचकर हुआ। समापन पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सभी हिंदू एकजुट होकर रहें, संगठित होकर रहें। हिंदुओं को अलग-अलग करने की विधर्मियों की चाल से हमें सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने नारा दिया 'जाति-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई'। इस दौरान श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में मशीनों से जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
बेटियां दुर्गा और काली का स्वरूप बनें
टीकमगढ़ के पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित धर्मसभा व संक्षिप्त दिव्य दरबार के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बेटियों की सुरक्षा, सामाजिक समरसता और सनातन रक्षा पर प्रमुखता से विचार रखे। उन्होंने बेटियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे पढ़-लिखकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर और इंजीनियर बनें, लेकिन किसी के छलावे में आकर अपनी पहचान न खोएं। बेटियां दुर्गा और काली का स्वरूप बनें, प्रेम माता-पिता के सम्मान से बड़ा नहीं हो सकता।
टीकमगढ़ में रथ यात्रा का स्वागत करते हुए लोग और देर रात बड़ा गांव धसान पहुंचे पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमान मंदिर में पूजन किया। नईदुनिया युवाओं से शराब व नशा छोड़कर नशामुक्त समाज बनाने की अपील की
गरबा पंडालों की सुरक्षा को लेकर उन्होंने सुझाव दिया कि पंडालों के मुख्य द्वार पर भगवान विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा स्थापित कर प्रवेश दिया जाए, ताकि असामाजिक तत्वों की पहचान हो सके। सामाजिक एकजुटता का आह्वान करते हुए उन्होंने 'जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई' का नारा दिया और युवाओं से शराब व नशा छोड़कर नशामुक्त समाज बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे साधु हैं, नेता नहीं; उनका उद्देश्य सनातनियों को एकजुट करना है। आयोजन में मप्र सहित बिहार, पंजाब, यूपी, दिल्ली व हरियाणा से आए करीब 25 हजार श्रद्धालुओं के लिए भोजन व विश्राम की व्यवस्था बागेश्वर धाम शिष्य मंडल द्वारा की गई थी।
10 सेक्टरों में सुरक्षा, एएसपी ने संभाली कमा
यात्रा व आयोजन को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाह के नेतृत्व में 10 सुरक्षा सेक्टर बनाए गए। व्यवस्था में 260 से अधिक पुलिस अधिकारी व जवान, महिला पुलिसकर्मी तथा विशेष बल तैनात रहे। यातायात सुचारू रखने के लिए शहर में 23 डायवर्सन प्वाइंट व 4 पार्किंग स्थल बनाए गए थे।