
टीकमगढ़। जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध सागर लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार को सागर लोकायुक्त की टीम ने शहर के शासकीय स्नातकोत्तर पीजी कालेज की तालकोठी शाखा में दबिश देकर लिपिक नितिन मिश्रा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
यह कार्रवाई सेवानिवृत्त कर्मचारी की रिटायरमेंट राशि निकालने के एवज में मांगी गई रिश्वत की शिकायत पर की गई है। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे कालेज परिसर और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
लोकायुक्त के अनुसार ग्राम कारी निवासी देवेंद्र वाल्मीकि ने लोकायुक्त कार्यालय सागर में शिकायत दर्ज कराई थी। देवेंद्र ने बताया कि उनके पिता हरिकिशन वाल्मीकि इसी कालेज में स्वीपर के पद पर पदस्थ थे और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं।
उनके पिता की रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली कुल राशि (जीपीएफ और अन्य फंड) को पास कराने और फाइल आगे बढ़ाने के बदले में बाबू नितिन मिश्रा द्वारा ढाई लाख रुपए की मोटी रकम की मांग की जा रही थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी बाबू सौदा तय होने के बाद पहले ही 50 हजार रुपए ले चुका था, लेकिन वह बाकी के पैसों के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया और मामला सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई। मंगलवार को जैसे ही देवेंद्र ने कालेज स्थित कार्यालय में बाबू नितिन मिश्रा को एक लाख रुपए की किश्त सौंपी, वहां तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
केमिकल से हाथ धुलवाते ही आरोपित बाबू की उंगलियां गुलाबी हो गईं। फिलहाल टीम कॉलेज में दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।