
मनीष असाटी। टीकमगढ़। बुड़ेरा थाना क्षेत्र के लमेरा गांव में बीते दिनों हुई दो लोगों की मौत के चलते मृतक के स्वजन गमगीन है, लेकिन ट्रैक्टर-ट्राला से एक घटना में दो लोगों की मौत के बाद अब पुलिस ने खेला कर दिया है। इंवायरो इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड दिल्ली के अधिकारियों और बुड़ेरा थाना पुलिस की लगातार चलीं बैठकों के दौरान बीती 17 फरवरी को बात तय हुई और फिर घटना में शामिल पावर ट्रेक कंपनी के ट्रैक्टर की जगह सोनालिका कंपनी का ट्रैक्टर इस घटना में दर्शाया गया है।
खास बात यह है कि घटना में शामिल ट्रैक्टर का बीमा नहीं था, जिससे कंपनी को क्षति झेलनी पड़ती। लेकिन यहां पुलिस कंपनी की मददगार बनती हुई देखी जा सकती है और पूरे घटनाक्रम में ट्रैक्टर बदल दिया गया है। गौरतलब है कि बान सुजारा समूह जल प्रदाय योजना के तहत 201 गांवों में बान सुजारा बांध से पानी पहुंचाने के लिए शासन ने 376 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
इस कार्य को मप्र के जल निगम मर्यादित द्वारा इंवायरो इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड दिल्ली को कार्य दिया गया है, जिसने अपना कार्यालय बल्देवगढ़ में खोला है। कार्य प्रगति पर होने के दौरान ही 4 फरवरी 2024 को शाम के समय एक ट्रैक्टर-ट्राला में सरिया रखकर गुखरई से बांध की तरफ जा रहे था। इसी बीच लमेरा गांव के पास पहुंचने पर ट्रैक्टर-ट्राला पलट गया और घटना में नरेंद्र यादव निवासी लमेरा व भैयालाल अहिरवार निवासी जिनागढ़ की मौत हो गई थी।
मौत के बाद ही इंवायरो इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड दिल्ली द्वारा ट्रैक्टर के दस्तावेज देखे गए, तो अधिकारी हैरान हो गए। क्योंकि उक्त ट्रैक्टर के दस्तावेज यानि बीमा संबंधी अन्य दस्तावेज नहीं थे। लेकिन वह ट्रैक्टर घटना के बाद 6 फरवरी को बुड़ेरा थाना परिसर में रखवा दिया गया। ट्रैक्टर थाना परिसर में रखने के बाद फिर इस घटना में शामिल ट्रैक्टर को बदलने के लिए पुलिस व कंपनी के अधिकारियों के बीच मंत्रणा शुरू हुई और 17 फरवरी को मामले की एफआइआर दर्ज होने से पहले ट्रैक्टर को बदल दिया। जबकि वह घटना में वास्तविक ट्रैक्टर बाद में कंपनी के कैंप के पास रखवा दिया गया है। इस पूरे मामले में बड़े स्तर पर लेनदेन होने की चर्चाएं भी क्षेत्र में जोर पकड़ रहीं हैं।
घटना में शामिल ट्रैक्टर जल गया था, जिसको बदलने के लिए कंपनी के अधिकारियों ने काफी मेहनत की, तो पुलिस ने काफी मेहनत करके सहयोग भी भरपूर किया। इसमें 17 फरवरी को एफआइआर दर्ज होने के पहले दूसरा ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त करके थाना परिसर में लाया गया।
करीब 27 फरवरी तक दोनों ही ट्रैक्टर थाना परिसर में रखे रहे, लेकिन जैसे ही मामला थोड़ा ठंडा हुआ और पुलिस यह भांप लिया कि अब इसमें किसी को आपत्ति नहीं है, क्योंकि दोनों ट्रैक्टर रखे होने पर किसी ने कुछ नहीं पूछा।
ऐसे में पुलिस ने घटना में शामिल वास्तविक ट्रैक्टर को थाना से हटवा दिया और वह कंपनी के गुखरई स्थित कैंप के पास रखवा दिया। अब इस घटना में वास्तविक ट्रैक्टर अलग हो गया, जिसका बीमा नहीं था और एक दूसरी कंपनी का ट्रैक्टर वहां रख दिया गया, जो क्षतिग्रस्त कर रखा गया है और वह स्पष्ट रूप से अलग नजर आ रहा है।
ट्रैक्टर बदलने संबंधी जानकारी मेरे पास नहीं है। लेकिन घटना वाला मामला अब पूरी तरह सेटल हो गया है। पालिसी वगैरह होने वाले ट्रैक्टर ही हमारे यहां पर लगे हुए है।
- जितेंद्र सिंह, डीजीएम, इंवायरो इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड दिल्ली
मुझे इस संबंध में ऐसी कोई जानकारी नहीं है। आपके द्वारा यह जानकारी प्राप्त हो रही है। अगर ऐसा किया गया है, तो गलत है। मैं मामले में जांच कराता हूं और अगर ऐसा किया गया होगा, तो संबंधितों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- रोहित काशवानी, एसपी टीकमगढ़