
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : पत्नी ने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपितों ने शव घर के पास गड्ढे में फेंक दिया था। करीब चार साल पुराने इस मामले में पंचम अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा की अदालत ने मृतक की पत्नी सहित तीनों आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में घटना के समय आठ साल के बालक की गवाही अहम साबित हुई। न्यायालय ने मृतक के नाबालिग बेटे और बेटी को पुनर्वास के लिए पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत आर्थिक सहायता देने के भी आदेश दिए हैं।
उप निदेशक अभियोजन राजेंद्र कुमार खांडेगर के अनुसार 24 दिसंबर 2022 को भैरवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम झिरन्या निवासी गंगाराम ने अपने बेटे जितेंद्र बंजारा का शव मिलने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि जितेंद्र की पत्नी पूजा के राकेश कुशवाह से अवैध संबंध थे। घटना के समय जितेंद्र ने घर में पूजा और राकेश को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसका विरोध करने पर विवाद हुआ। राकेश ने जितेंद्र की गर्दन मरोड़ दी, जबकि ईश्वरसिंह बंजारा ने उसके साथ मारपीट की। पूजा ने घर में रखी हथौड़ी से जितेंद्र के सिर पर प्राणघातक वार किया। इससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद तीनों ने शव घर के पास स्थित गड्ढे में फेंक दिया।
मामले में घटना के समय मौजूद आठ साल के बालक के बयान पुलिस ने दर्ज किए थे। सुनवाई के दौरान बालक ने अदालत में अपने सामने हुई घटना के बारे में विस्तार से बताया। न्यायालय ने उसकी गवाही को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना। पुलिस ने विवेचना के दौरान घटना में प्रयुक्त हथौड़ी सहित अन्य साक्ष्य जुटाकर आरोपितों के खिलाफ अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था।
न्यायालय ने राकेश पुत्र भैरूसिंह कुशवाह उम्र 28 वर्ष, ईश्वरसिंह पुत्र गोवर्धन सिंह बंजारा उम्र 26 वर्ष और पूजा पत्नी जितेंद्र बंजारा उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम झिरन्या, भैरवगढ़ को धारा 302/34 में आजीवन कारावास, धारा 458 में पांच वर्ष और धारा 201 में तीन वर्ष के कारावास से दंडित किया।
तीनों पर कुल 31 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी अधिकारी भारत सिंह कनेल और विशेष लोक अभियोजक नितेश कृष्णन ने की। न्यायालय ने मृतक के अवयस्क बेटे और बेटी के पुनर्वास के लिए पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता दिलाने के आदेश भी दिए हैं।
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