
उज्जैन। कर्ज से परेशान किसान ने सोमवार रात को घर में साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। मृतक के पिता ने 6 साल पूर्व संत रविदास आवास योजाना के तहत 1.63 लाख रुपए का कर्ज लिया था। कर्ज नहीं चुकाने के कारण बैंक ने कुर्की का नोटिस भेजा था। मृतक सोमवार शाम को घर लौटा और चाय पीने के बाद उसने घर पर रखा नोटिस देखा।
इसके बाद वह चुपचाप कमरे में गया और मां की साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। छोटे भाई ने उसे फंदे पर लटकते देख परिजन को सूचना दी। मंगलवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजन को सौंप दिया। कर्ज माफी व मुआवजे की मांग को लेकर परिजन शव लेकर कलेक्टर कार्यालय जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें जाने से रोका और शव को लेकर खींचतान हुई। इसको लेकर लोगों ने खासी नाराजगी जाहिर की।
मृतक की दो बेटियां हैं। भैरवगढ़ पुलिस ने बताया ग्राम धनडाभल्ला निवासी दिनेश वाघेला (28) के पिता माधुलाल वाघेला ने करीब 6 साल पूर्व पानबिहार स्थित बैंक ऑफ इंडिया से संत रविदास आवास योजना के तहत 1.63 लाख रुपए का कर्ज लिया था। कर्ज नहीं चुकाने के कारण बैंक ने करीब दो लाख रुपए वसूली के लिए कुर्की का नोटिस भेजा था। दिनेश सोमवार को उज्जैन मजदूरी करने के लिए आया था।
शाम को घर पहुंचने के बाद उसकी छोटी बहन निर्मला ने चाय बनाई थी। चाय पीने के दौरान उसने घर पर रखा बैंक का नोटिस देख लिया। इसके बाद से ही वह परेशान हो गया। थोड़ी देर बाद वह चुपचाप दूसरे कमरे में गया और मां की साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। छोटे भाई धर्मेंद्र ने उसे फंदे पर लटकते देखा तो शोर मचाया और परिजन को बुलाया। शव फंदे से उतारकर जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बैंक के दो लाख व बिजली बिल 20 हजार रुपए बकाया
मृतक के पिता माधुलाल का कहना है कि सोमवार को वह रिश्तेदार के यहां खाचरौद के पास स्थित गांव में गए थे। इस दौरान घर पर उनके दोनों बेटे व पुत्री थी। दिनेश की दो पुत्रियां हैं। उसकी पत्नी मधु कुछ दिनों से अपने मायके ढांचा भवन में रह रही है। मात्र एक बीघा जमीन होने के कारण परिवार चलाने में काफी दिक्कत होती है।
इस कारण पुत्र दिनेश मजदूरी भी करता था। बैंक के करीब दो लाख रुपए बकाया हैं। इसके अलावा 20 हजार रुपए बिजली बिल बकाया है। बिजली कंपनी के अधिकारी भी आए दिन आकर बिल जमा करने के लिए धमकाकर जाते थे। इससे उनका पुत्र दिनेश काफी तनाव में था।
सड़क पर शव रखकर किया प्रदर्शन
जिला अस्पताल में शव के पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिया था। कर्ज माफी व मुआवजे की मांग को लेकर परिजन शव लेकर कलेक्टर कार्यालय प्रदर्शन के लिए जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोका और शव नहीं जा पाए इसको लेकर खींचतान की। इससे मृतक के परिजन आक्रोशित हो गए।
काफी हंगामे के बाद शव को कोठी स्थित कलेक्टर कार्यालय लाया गया। यहां शव सड़क पर रखकर काफी देर तक प्रदर्शन किया गया। एसडीएम अनिल बावरिया व पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाइश दी और मुआवजे व कर्ज माफी का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने रुकना भी मुनासिब नहीं समझा
कलेक्टर कार्यालय के बाहर जब मृतक के परिजन शव रखकर प्रदर्शन कर रहे थे, उस दौरान आईजी राकेश गुप्ता, डीआईजी रमणसिंह सिकरवार व एसपी सचिन अतुलकर वहां से गुजरे लेकिन उन्होंने वाहन रोकना तक मुनासिब नहीं समझा।