
नईदुनिया प्रतिनिधि उज्जैन : कोयला फाटक से गोपाल मंदिर तक मार्ग चौड़ा करने में बाधक बन रहे शाही मस्जिद के 10 फीट निर्माण को हटाने की प्रक्रिया के दाैरान गुरुवार को मस्जिद की मीनार का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर मुख्य छत पर जा गिरा।
इस दुर्घटना के कारण मस्जिद की छत को नुकसान पहुंचा है और मलबा अंदर बिखर गया, गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई और कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने मरम्मत का काम कराया है।
घटना के बाद कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, न ही किसी को चोट आई है। कृपया किसी भी प्रकार की अफवाह पर कोई ध्यान न दें। यदि किसी ने भी अफवाह या भ्रामक खबरें फैलाने की कोशिश की, तो उस पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’
इधर, शहर काजी खलीकुर्रहमान ने मीडिया और समाज से कहा कि ‘किसी ने जानबूझकर मीनार को नहीं गिराया है, यह केवल तकनीकी दुर्घटना है। कोई भ्रामक बातें फैलाए। मस्जिद की तामीर का काम जल्द ही फिर से शुरू किया जाएगा और इसे दोबारा बना दिया जाएगा।’
मालूम हो कि मास्टर प्लान-2035 के अंतर्गत सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और यातायात की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से कोयला फाटक से कंठाल चौराहा और छत्री चौक होते हुए गोपाल मंदिर तक के मार्ग को 15 मीटर चौड़ा कर रहा है।
विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के अवंतिका द्वार (मुख्य द्वार) से लेकर महाकाल घाटी चौराहा तक के 200 मीटर लंबे, 12 मीटर चौड़े मार्ग को 24 मीटर करने के लिए गुरुवार को नगर निगम ने 39 होटल, मकान और दुकानों के बाधक हिस्सों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया।
दुकान-होटल खाली करने के बीच हुई ये कार्रवाई जारी रही। मालूम हो कि सोमवार को हाईकोर्ट से स्टे खारिज होते ही नगर निगम ने मंगलवार को निशान लगाकर बुधवार शाम तक मकान-दुकान-होटल खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया था। मियाद पूरी होते ही गुरुवार सुबह से क्षेत्र में जेसीबी-पोकलेन चलाकर एक के बाद एक भवनों की तोड़ाई गई।
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