महाकाल मंदिर परिसर में सुरक्षाकर्मी पर चाकू से हमला - गंभीर रूप से घायल, तीन थे हमलावर
घटना ऐसे समय हुई है, जब महज तीन दिन बाद श्रावण मास की शुरुआत होने जा रही है और मंदिर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 24 Jul 2026 10:11:47 PM (IST)Updated Date: Fri, 24 Jul 2026 10:21:33 PM (IST)
महाकाल मंदिर में हुई चाकूबाजी।HighLights
- घटना ऐसे समय हुई है, जब तीन दिन बाद श्रावण मास की शुरुआत होने जा रही है।
- अब महाकाल मंदिर में प्रतिदिन देश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
- मंदिर के सुरक्षाकर्मी पर हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई। मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी पर बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुरक्षाकर्मी को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना ऐसे समय हुई है, जब महज तीन दिन बाद श्रावण मास की शुरुआत होने जा रही है और मंदिर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में मंदिर के सुरक्षाकर्मी पर हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस के अनुसार, हमले में घायल सुरक्षाकर्मी आकाश राठौर महाकाल मंदिर की क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) का सदस्य है। शुक्रवार दोपहर वह परिसर में धनुष द्वार के समीप था, तभी उसे तीन लोगों ने घेर लिया।
इनमें से एक युवक ने चाकू से वार किए। अन्य सुरक्षाकर्मी साथी को बचाने पहुंचे तो आरोपित और उसके दो साथियों ने उन्हें भी चाकू मारने की धमकी दी। इस पर वे ठहर गए। इसके बाद तीनों हमलावर फरार हो गए।
आरोप है कि फूल-प्रसाद बेचने वाले युवक अंशुल ने चाकू मारे। वह भूरा की फूल-प्रसाद की दुकान पर काम करता है। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हमला आपसी विवाद से जुड़ा होने की जानकारी मिल रही है।
कर्मचारियों में आक्रोश, जबरन अतिक्रमण हटवा रहा प्रशासन
- वारदात के बाद मंदिर कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि जब मंदिर के सुरक्षाकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो श्रावण मास में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
- सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि मंदिर प्रशासन के अधिकारी उन पर मंदिर परिसर से अतिक्रमण और अवैध रूप से फूल-प्रसाद बेचने वालों को हटाने का लगातार दबाव बनाते हैं।
- इसी वजह से आए दिन विवाद की स्थिति बनती है और कई बार मारपीट की घटनाएं भी हो चुकी हैं।
- वहीं, मंदिर प्रशासन ने घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है।