
धीरज गोमे, नईदुनिया, उज्जैन : महाकाल की नगरी की पहचान अब सिर्फ मंदिर, दर्शन और सिंहस्थ तक सीमित नहीं रहने वाली। शहर में एक साथ शॉपिंग, कारोबार, पर्यटन, इवेंट और ब्रांडेड हॉस्पिटैलिटी का नया इकोसिस्टम आकार ले रहा है। एक ओर करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल तैयार हो रहा है, तो दूसरी ओर नामी बड़े होटल ब्रांड उज्जैन में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। होटल इंडस्ट्री की यह हलचल इस बात का संकेत है कि कंपनियां उज्जैन को अब सिर्फ तीर्थस्थल नहीं, बल्कि तेजी से उभरते पर्यटन और इवेंट डेस्टिनेशन के रूप में देख रही हैं।
यूनिटी मॉल इस बदलाव का एक बड़ा हिस्सा है। करीब 300 करोड़ रुपये की परियोजना में 115 स्टॉल प्रस्तावित हैं। यहां प्रदेश के अलग-अलग जिलों के ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट) उत्पाद एक ही छत के नीचे मिलेंगे। बाटिक, बाघ प्रिंट, चंदेरी, नमकीन, सेव, गजक समेत स्थानीय उत्पादों को सीधे बड़े बाजार तक पहुंचाने का प्लेटफॉर्म मिलेगा। परियोजना में 52 कमरे, शोरूम, फूड कोर्ट, कॉन्फ्रेंस हॉल और ओपन एयर थिएटर जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। जून 2026 की स्थिति में इसका 60 प्रतिशत से अधिक निर्माण पूरा बताया गया था और लक्ष्य सिंहस्थ-2028 से पहले इसे शुरू करने का है।
उज्जैन में बदलती कारोबारी संभावनाओं का सबसे बड़ा संकेत ब्रांडेड होटल चेन की एंट्री है। रैडिसन होटल ग्रुप ने उज्जैन में 150 कमरों की योजना घोषित की है। टाटा समूह की हॉस्पिटैलिटी कंपनी आईएचसीएल ने भी उज्जैन में विवांता होटल की घोषणा की है। होटल को महाकाल कॉरिडोर के आसपास के बढ़ते पर्यटन बाजार से जोड़कर देखा जा रहा है। लेमन ट्री भी उज्जैन के बाजार में प्रवेश कर चुका है।
कंपनी ने 2024 में उज्जैन में होटल साइनिंग की घोषणा की थी और इसे वित्तीय वर्ष 2027 में खोलने की योजना बताई थी। बाद की कंपनी जानकारी में परियोजना के कमरे और टाइमलाइन से जुड़े आंकड़ों में बदलाव दिखाई देता है, इसलिए निर्माण पूरा होने तक इसके अंतिम आकार को अपडेट किया जाना जरूरी होगा। इसी क्रम में अनंता स्पा एंड रिजॉर्ट भी उज्जैन के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी बाजार को विस्तार दे रहा है। करीब 116 कमरों की प्रस्तावित क्षमता वाले इस रिजॉर्ट का फोकस तीर्थयात्रियों के साथ परिवार, लीजर ट्रैवलर्स और इवेंट सेगमेंट पर है।
इन प्रोजेक्ट्स को अलग-अलग देखें तो ये होटल या एक मॉल की कहानी लगती है, लेकिन साथ रखकर देखें तो उज्जैन के बदलते कारोबारी मॉडल की तस्वीर सामने आती है। सिंहस्थ-2028 के लिए 40 करोड़ तक श्रद्धालुओं की संभावित आवक को ध्यान में रखकर शहर में सड़क, पार्किंग, जल, सीवरेज, घाट और कनेक्टिविटी से जुड़े बड़े काम चल रहे हैं। राज्य सरकार के स्तर पर सिंहस्थ से जुड़े 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का उल्लेख किया गया है। इंदौर-उज्जैन के बीच 46 किमी सिक्सलेन रोड भी इसी बड़े बदलाव का हिस्सा है। यह कॉरिडोर इंदौर के अरविंदो अस्पताल से उज्जैन के हरिफाटक ब्रिज तक है और सिंहस्थ के दौरान ट्रैफिक दबाव कम करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यूनिटी मॉल स्थानीय उत्पादों को बाजार देगा तो बड़े होटल ब्रांड प्रीमियम यात्रियों, कारोबारी मेहमानों, डेस्टिनेशन वेडिंग और बड़े धार्मिक आयोजनों की जरूरत पूरी करेंगे। इसका सीधा असर रोजगार, टैक्सी, रेस्टोरेंट, इवेंट मैनेजमेंट, टूरिज्म, स्थानीय उत्पाद और छोटे कारोबार पर पड़ सकता है। उज्जैन में इसलिए बदलाव सिर्फ नई इमारतों का नहीं है। महाकाल की नगरी अब आस्था के साथ ‘एक्सपीरियंस, बिजनेस और ब्रांडेड हॉस्पिटैलिटी’ के नए बाजार के रूप में भी अपनी जगह बना रही है।
महाकाल मंदिर में अब श्रद्धालुओं को 3डी तकनीक से भस्म आरती के निश्शुल्क दर्शन कराए जाएंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार दर्शनार्थी मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर स्थित दुर्लभ दर्शन केंद्र पर सुबह 4.30 से 6.30 बजे तक निःशुल्क 3डी भस्म आरती दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए सामान्य दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। बता दें अब तक सामान्य दर्शनार्थियों को भस्म आरती में चलायमान दर्शन कराए जाते हैं। मंदिर समिति ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि नईसुविधा शुरू होने के बाद क्या भस्म आरती में चलायमान दर्शन की सुविधा यथावत रहेगी अथवा बंद कर दी जाएगी।
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