
डिजिटल डेस्क, उज्जैन। उज्जैन में नदी किनारे से शुरू हुआ तैराकी का सफर अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया है। उज्जैन के तैराक अर्जुन सिंह सोलंकी ने बेंगलुरु में आयोजित द्वितीय एशियन मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप में 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर शहर का नाम रोशन किया है।
खास बात यह है कि अर्जुन को तैराकी की शुरुआती ट्रेनिंग उनकी मां ने ही दी थी। नदी के पास घर होने के कारण बचपन में मां ने उन्हें तैरना सिखाया और यहीं से उनका तैराकी का सफर आगे बढ़ा। अर्जुन के अनुसार उनकी मां खुद भी स्कूल गेम्स में स्टेट लेवल की खिलाड़ी रह चुकी हैं, जिन्होंने शुरुआत से ही उन्हें तैराकी के लिए तैयार किया।
बेंगलुरु में 4 से 10 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में 27 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। अर्जुन ने 25 से 29 वर्ष आयु वर्ग में 200 मीटर बैकस्ट्रोक में तीसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में पहला स्थान श्रीलंका के खिलाड़ी ने और दूसरा स्थान भारत के खिलाड़ी ने प्राप्त किया।
अर्जुन ने नियमित अभ्यास और अनुशासन के साथ अपनी तैयारी जारी रखी। उन्होंने 2009 में तैराकी की तैयारी शुरू की थी और 2011 में पहली बार नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। अर्जुन 2023 में गोवा नेशनल गेम्स में सिल्वर मेडल भी जीत चुके हैं। इसके अलावा वे ट्रायथलॉन और मॉडर्न पेंटाथलॉन में भी पदक हासिल कर चुके हैं। ट्रायथलॉन में साइकिलिंग, स्विमिंग और रनिंग शामिल होती है, जबकि मॉडर्न पेंटाथलॉन में रनिंग, स्विमिंग और शूटिंग जैसी स्पर्धाएं होती हैं।
अर्जुन ने अपनी उपलब्धि का श्रेय कोच देवीदास रामचंदानी उर्फ गोलू और अमित यादव के मार्गदर्शन के साथ लगातार अभ्यास को दिया। इस प्रतियोगिता में उज्जैन के दिलीप जोशी, अविनाश टावर, सोमेश शर्मा और सुभाष गुप्ता ने भी हिस्सा लिया।