शरद ऋतु प्रारंभ : अब दिन छोटे और रातें होंगी लंबी, उज्जैन में ‘शरद सम्पात’ देखने जीवाजी वेधशाला पहुंचे खगोलप्रेमी
सूर्य के विषुवत रेखा पर लम्बवत् होने की अद्भुत खगोलीय घटना (शरद सम्पात) हुई, जिसको प्रत्यक्ष रूप से देखने शासकीय जीवाजी वेधशाला में दिनभर खगोलप्रेमियो...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 08:53:48 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 09:06:05 PM (IST)
‘शरद सम्पात’ देखने जीवाजी वेधशाला पहुंचे खगोलप्रेमी। (नईदुनिया)HighLights
- 24 सितंबर से शरद ऋतु प्रारंभ हो रही है
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : 24 सितंबर से शरद ऋतु प्रारंभ हो रही है। सूर्य के दक्षिणी गोलार्ध में प्रवेश करने से अब दिन छोटे और रातें बड़ी होंगी।
इससे एक दिन पहले 23 सितंबर को सूर्य के विषुवत रेखा पर लम्बवत् होने की अद्भुत खगोलीय घटना (शरद सम्पात) हुई, जिसको प्रत्यक्ष रूप से देखने शासकीय जीवाजी वेधशाला में दिनभर खगोलप्रेमियों और नागरिकों का तांता लगा रहा।
वेधशाला पहुंचे खगोलप्रेमियों ने ऐतिहासिक यंत्रों के जरिए इस खगोलीय बदलाव को करीब से समझा और प्रत्यक्ष देखा। शंकु यंत्र की छाया पूरे दिन सीधी विषुवत रेखा पर चलती दिखी, वहीं नाड़ीवलय यंत्र के किसी भी भाग पर धूप न पड़ना सूर्य के दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रवेश का जीवंत प्रमाण बना।
इस घटना के साथ ही बुधवार को दिन और रात 12-12 घंटे के बराबर रहे। सूर्य की किरणों का झुकाव बदलते ही अब उत्तरी गोलार्द्ध में शरद ऋतु का अहसास शुरू होगा और रातें लंबी होने लगेंगी। यह क्रम 22 दिसंबर तक जारी रहेगा। 23 सितंबर से वेधशाला में इस दुर्लभ नजारे को देखकर पहुंचे युवाओं और शोधार्थियों में भारी उत्साह नजर आया।