Bhairav Ashtami 2019 : उज्जैन में पालकी में सवार होकर निकले काल भैरव, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
Bhairav Ashtami 2019 : काल भैरव अष्टमी पर उज्जैन में चार घंटे छाया रहा सवारी का उल्लास। बाबा कालभैरव ने किया नगर भ्रमण ...और पढ़ें
By Hemant UpadhyayEdited By: Hemant Upadhyay
Publish Date: Wed, 20 Nov 2019 07:33:48 PM (IST)Updated Date: Thu, 21 Nov 2019 10:10:58 AM (IST)

उज्जैन। नईदुनिया प्रतिनिधि। Bhairav Ashtami 2019 अगहन कृष्ण अष्टमी पर मंगलवार को जन्मोत्सव के बाद बुधवार को भगवान कालभैरव पालकी में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकले। शाम 4 बजे परंपरागत पूजन के बाद भगवान की पालकी नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई। इससे पहले कल देर रात तक भैरवगढ़ स्थित काल भैरव मंदिर में देर रात तक उत्सवी माहौल रहा। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु काल भैरव की पूजाअर्चना और दर्शनों के लिए पहुंचे।
चार घंटे तक भैरवगढ़ क्षेत्र में सवारी का उल्लास छाया
सवारी मार्ग पर खड़े भक्त राजाधिराज महाकाल के सेनापति बाबा कालभैरव के शाही ठाठ देख निहाल हो गए। करीब चार घंटे तक भैरवगढ़ क्षेत्र में सवारी का उल्लास छाया रहा। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
मंदिर से सवारी जेल तिराहा होते हुए भैरवगढ़ जेल पहुंची
कालभैरव मंदिर से सवारी जेल तिराहा होते हुए भैरवगढ़ जेल पहुंची। यहां जेल अधीक्षक ने समस्त बंदियों की ओर से भगवान की पूजा-अर्चना की। इसके बाद पालकी परंपरागत मार्गों से होते हुए मोक्षदायिनी शिप्रा के सिद्धवट घाट पहुंची।
पुजारियों ने वैकुंठ द्वार पर भगवान कालभैरव की पूजा-अर्चना की
यहां पुजारियों ने वैकुंठ द्वार पर भगवान कालभैरव की पूजा-अर्चना की। पूजन पश्चात सवारी प्रमुख मार्गों से होते हुए रात करीब 8 बजे मंदिर पहुंची। सवारी मार्ग पर विभिन्न् संस्थाओं ने मंचों से पुष्प वर्षा कर सेनापति का स्वागत किया। भक्तों द्वारा पालकी का पूजन भी किया गया। जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में बाबा कालभैरव को सिंधिया राजवंश की शाही पगड़ी धारण कराई गई। पालकी में भगवान कालभैरव की चांदी की मूर्ति रखी गई थी।