
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में श्रद्धालुओं से रुपये लेकर दर्शन कराने के कैस में पुलिस की जांच जारी है। इधर कुछ अन्य कर्मचारियों द्वारा भी रुपये के लेनदेन संबंधी ऑडियो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
इस मामले से एक बार फिर मंदिर के प्रशासकीय महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। ऑडियो, वीडियो की जानकारी प्रशासक अनुकूल जैन तक भी पहुंची है, उन्होंने इसकी जांच मंदिर की सुरक्षा अधिकारी प्लाटून कमांडर हेमलता पटीदार को सौंपी है।
महाकाल मंदिर में दिसंबर माह में भक्तों से रुपये लेकर भगवान महाकाल के दर्शन कराने का संगठित अपराध करने वाले कर्मचारियों की पूरी गैंग पकड़ी गई थी। इनमें कम्प्यूटर ऑपरेटर से जिला सहायक सत्कार अधिकारी बना अभिषेक भार्गव, मंदिर में दर्शन व्यवस्था प्रभारी राकेश श्रीवास्तव, आईटी प्रभारी राजकुमार सिंह सहित करीब 15 आरोपित शामिल है।

पुलिस ने पूछताछ के बाद इन्हें जेल भेज दिया है। जांच में कर्मचारियों के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन सामने आए थे। इनमें से कुछ कर्मचारियों के पास आय से अधिक संपत्ति भी है। पुलिस अब इनकी संपत्ति के मामले में जानकारी जुटा रही है।
इसके बाद यह मामला ईडी को सौंपा जाएगा। इस मामले में अभी तहकीकात चल ही रही है और सोमवार को लेनदेन के कुछ नए ऑडियो, वीडियो सामने आए हैं। इनमें सुरक्षाकर्मी एक दूसरे पर रुपये के लेनदेन के आरोप लगा रहे हैं।

महाकाल मंदिर में भ्रष्टाचार के मामलों की अनदेखी करने के मामले में प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ को हटा दिया गया था। अब मंदिर की कमान एडीएम अनुकूल जैन के हाथ में है। वे प्रभारी प्रशासक के रूप में व्यवस्थाओं का जिम्मा संभाले हुए हैं। ऑडियो, वीडियो की जानकारी उन तक भी पहुंची है। इसके बाद उन्होंने तत्काल सुरक्षा प्रभारी को जांच सौंप दी है।
मामले की जानकारी प्रशासक अनुकूल जैन को मिली है। उन्होंने इसकी जांच सुरक्षा व्यवस्था प्रभारी प्लाटून कमांडर हेमलता पाटीदार को सौंपी है। - मूलचंद जूनवाल, सहायक प्रशासक, महाकाल मंदिर
सुरक्षा एजेंसी के सुपरवाइजर भगवान सिंह के संबंध में शिकायत मिली थी उनसे पूछताछ की गई है। ऑडियो, वीडियो के संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। - हेमलता पाटीदार, सुरक्षा प्रभारी व प्लाटून कंमाडर, होम गार्ड