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महाकाल में गर्भगृह प्रवेश पर नियमों पर बहस जारी, भक्तों की मांग के बीच भीड़ नियंत्रित करने की कवायद

Naidunia Survey: महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर पूरे देश में चर्चा है। अब आपकी राय जानना जरूरी है। क्या मंदिर में सभी श्रद्धालुओं के लिए एक ज...और पढ़ें

By Arvind DubeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sun, 01 Feb 2026 01:40:54 PM (IST)Updated Date: Sun, 01 Feb 2026 01:45:30 PM (IST)
महाकाल में गर्भगृह प्रवेश पर नियमों पर बहस जारी, भक्तों की मांग के बीच भीड़ नियंत्रित करने की कवायद
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग। - फाइल फोटो

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि गर्भगृह में प्रवेश का अधिकार उज्जैन कलेक्टर के पास रहेगा
  2. बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया गया
  3. श्रद्धालुओं का कहना है कि दर्शन व्यवस्था पारदर्शी होनी चाहिए और सभी के लिए समान नियम लागू हो

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्था, विशेषकर गर्भगृह में प्रवेश को लेकर लंबे समय से विवाद का विषय बनी हुई है। आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं है, जबकि कुछ राजनेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों को वीआईपी श्रेणी में वहां पूजा-अर्चना की अनुमति दी जाती रही है।

महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर नईदुनिया द्वारा किए जा रहे सर्वे में हिस्सा लेने के लिए यहां क्लिक करें https://forms.gle/8rouwyRa9XJMUehNA

इसी को लेकर न्यायिक स्तर पर भी मामला पहुंचा। इस विषय में पहले हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें यह सवाल उठाया गया था कि जब देशभर से लाखों श्रद्धालु महाकाल दर्शन के लिए आते हैं और उन्हें दूर से दर्शन करने पड़ते हैं, तो कुछ लोगों को विशेष अनुमति क्यों दी जाती है।


हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि गर्भगृह में प्रवेश का अधिकार उज्जैन कलेक्टर के पास रहेगा और वही यह तय करेंगे कि किसे वीआईपी माना जाए। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया गया। इससे यह व्यवस्था यथावत बनी रही कि गर्भगृह में प्रवेश का अंतिम निर्णय जिला प्रशासन करेगा।

भीड़ बढ़ने के बाद बदली व्यवस्था

महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में बीते कुछ वर्षों में भारी बढ़ोतरी हुई है। महाकाल लोक बनने के बाद दर्शनार्थियों की संख्या चार गुना तक बढ़ी है और प्रतिदिन एक से दो लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे हैं। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को देखते हुए गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद रखा गया है। पहले सावन माह में अत्यधिक भीड़ के कारण गर्भगृह को अस्थायी रूप से बंद किया गया था, लेकिन इसके बाद भी सामान्य श्रद्धालुओं के लिए इसे नियमित रूप से नहीं खोला गया।

श्रद्धालुओं का कहना है कि दर्शन व्यवस्था पारदर्शी होनी चाहिए और सभी के लिए समान नियम लागू होने चाहिए। वहीं प्रशासन का तर्क है कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा कारणों से यह व्यवस्था जरूरी है। इस कारण महाकाल मंदिर की दर्शन प्रणाली में गर्भगृह प्रवेश का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।