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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महाकाल मंदिर में चांदी द्वार से गर्भगृह में प्रवेश की पुरानी दर्शन व्यवस्था लागू करने की मांग

Mahakal Darshan Ujjain : इस व्यवस्था से आम और खास अर्थात वीआइपी श्रद्धालु एक ही कतार में लगकर भगवान के दर्शन कर सकते हैं।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 11 Dec 2023 08:44:05 AM (IST)Updated Date: Mon, 11 Dec 2023 11:10:34 AM (IST)
महाकाल मंदिर में चांदी द्वार से गर्भगृह में प्रवेश की पुरानी दर्शन व्यवस्था लागू करने की मांग
महाकाल दर्शन उज्जैन।

HighLights

  1. प्रत्येक भक्त को गर्भगृह से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जा सकते हैं।
  2. महाकाल मंदिर में यह व्यवस्था पूर्व में भी दिनभर लागू रहती थी।
  3. महाकाल मंदिर के पुजारी ने उज्जैन के महापौर को लिखा पत्र।

Mahakal Darshan Ujjain : नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने महापौर मुकेश टटवाल को गर्भगृह की दहलीज से भक्तों को भगवान महाकाल के दर्शन की योजना बनाने पर धन्यवाद पत्र लिखा है। महासंघ ने महापौर से अनुरोध किया है कि अगर वे प्रयास करें, तो मंदिर में फिर से पुरानी दर्शन व्यवस्था लागू की जा सकती है।

इस व्यवस्था से भक्तों को चांदी द्वार से गर्भगृह में प्रवेश दिया जाता था, भक्त महाकाल दर्शन के बाद नंदी मंडपम में नंदीजी के दर्शन करते हुए नंदी हाल की रैंप से बाहर निकल जाते थे। इस व्यवस्था से प्रत्येक भक्त को गर्भगृह से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जा सकते हैं।


पुजारी ने महापौर को लिखा पत्र

अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं.महेश पुजारी ने महापौर को लिखे पत्र में कहा कि समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ है, आप प्रबंध समिति की बैठक में गर्भगृह की दहलीज से भक्तों को दर्शन कराने का प्रस्ताव रखने जा रहे हैं।

इसके लिए आप साधुवाद के पात्र हैं, लेकिन बीते करीब छह माह से भक्तों को गर्भगृह से भगवान महाकाल के दर्शन नहीं हुए हैं, आप प्रबंध समिति की बैठक में पुरानी दर्शन व्यवस्था को लागू करने का प्रस्ताव रखें तो आपको करोड़ों शिव भक्तों का आशीर्वाद मिलेगा।

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इस तरह होते हैं दर्शन

यह एक ऐसी व्यवस्था है जिससे भक्त सभा मंडप के रास्ते चांदी गेट से गर्भगृह में प्रवेश करते हैं और दर्शन के बाद नंदी मंडप से होकर रैंप के रास्ते बाहर निकल जाते हैं। यह व्यवस्था पूर्व में भी दिनभर लागू रहती थी।

अब भी इस व्यवस्था से प्रतिदिन हजारों भक्तों को गर्भगृह से दर्शन कराए जा सकते हैं। इस व्यवस्था से आम और खास अर्थात वीआइपी श्रद्धालु एक ही कतार में लगकर भगवान के दर्शन कर सकते हैं।