
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : नृसिंह घाट रोड स्थित हरियाणा आश्रम की चार मंजिला रिसोर्टनुमा बिल्डिंग शुक्रवार को नगर निगम ने ढहा दी। सिंहस्थ क्षेत्र में बगैर अनुमति बने करीब 8 हजार वर्गफीट के इस निर्माण पर तड़के 6 बजे पोकलेन चलाना टीम ने शुरू की थी। कार्रवाई में नया निर्माण हटाया गया, जबकि आश्रम का पुराना हिस्सा बरकरार रखा गया।
आश्रम- जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर ज्योतिगिरी का है। कार्रवाई के दौरान वे आश्रम में मौजूद नहीं थे और दिल्ली में थे। आश्रम में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाती है। आश्रम की ओर से बिल्डिंग के दूसरी तरफ लगे वाटर साफ्टनर को नहीं तोड़ने का अनुरोध किया गया, लेकिन निगम की टीम ने उसे भी हटा दिया।
वाटर सॉफ्टनर का उपयोग कठोर पानी को अपेक्षाकृत नरम बनाने के लिए किया जाता है। निगम के अपर आयुक्त सिंहस्थ संतोष टैगोर ने बताया कि सिंहस्थ क्षेत्र में कार्रवाई के तहत करीब 8 हजार वर्गफीट का निर्माण हटाया गया है। प्रशासन का जोर सिंहस्थ क्षेत्र में बगैर अनुमति हुए निर्माण और अतिक्रमण हटाने पर है, ताकि मेले के आयोजन के लिए जरूरी भूमि उपलब्ध कराई जा सके। अभी सूची भी ओर भी निर्माण हैं, जिन्हें हटाने की कार्रवाई आगे की जाएगी।
सिंहस्थ क्षेत्र में निर्माण हटाने की यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले 21 सितंबर को लालपुल ब्रिज मार्ग स्थित माधवानंद आश्रम के बगैर अनुमति किए गए पक्के निर्माण को नगर निगम ने दो पोकलेन और जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया था।
सिंहस्थ-2028 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन सड़क, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं के लिए भूमि खाली कराने में जुटा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिंहस्थ क्षेत्र में करीब 170 अवैध निर्माण और अतिक्रमण शेष बताए गए हैं।
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