
उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध कालोनी काटने वाले कालोनाइजरों के मकान ढहाने की शुरूआत बुधवार को नगर निगम ने राजस्व और पुलिस बल के साथ कर दी। आगर रोड पर कालोनी काटने वाले गोवर्धन पिता आत्माराम पटेल का खिलचीपुर क्षेत्र में बना दो मंजिला मकान पोकलेन से ढहाया। इसके साथ ही कोट मोहल्ला क्षेत्र निवासी रफीक पिता वाहिद खान के तीन मंजिला मकान का अवैध तीसरा माला ढहाया। मकान टूटते देख परिवार की महिलाओं के आंसू छलक पड़े। इधर, अधिकारियों ने कहा कि कार्रवाई के लिए जोन-1 में चार, जोन-2 में दो अवैध कालोनियां चिन्हित की हैं, जिनमें 150 से अधिक मकान तने हैं। जोन-3 में 50 से अधिक मकान तने हैं। सभी को अपना निर्माण खुद हटा लेने को नोटिस जारी किया है।
मालूम हो कि सिंहस्थ क्षेत्र की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए स्थानीय प्रशासन कमर कस चुका है। सिंहस्थ क्षेत्र की एक इंच जमीन कम नहीं होने देना है। कलेक्टर के आदेश पर अफसर दल-बल के साथ अतिक्रमण हटाने निकल पड़े हैं। शुरुआत खिलचीपुर क्षेत्र में गोवर्धन पटेल का दो मंजिला मकान ढहाने से की। पटेल, कार्रवाई रोकने के लिए कई मिन्नातें करता रहा, मगर अधिकारियों ने उसकी एक न सुनी। बताया कि गोवर्धन पटेल के खिलाफ अवैध कालोनी काटने की एफआइआर दर्ज है। उसने आगर रोड पर अवैध कालोनी काटी, जिसमें 50 से अधिक मकान तन गए हैं। कई प्लाट अभी खाली भी पड़े हैं। पास ही गुलमोहर नामक अवैध कालोनी भी है, जिसमें 75 मकान तने हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार ये कालोनी स्व. सत्यनारायण यादव ने काटी थी। उन्होंने कालांतर में प्लाट सिर्फ अनुबंध के आधार पर दे दिए थे। वर्तमान में आशीक खान, शहीद खान और दीपक जैन द्वारा अनुबंध पत्र के आधार पर प्लाट बेचने की जानकारी सामने आई है। पूर्व में स्व. सत्यनारायण यादव पर भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इधर, कोट मोहल्ला क्षेत्र में अवैध कालोनाइजर रफीक मोहम्मद के मकान का तीसरा माला तोड़ा गया। बताया कि रफीक को जी प्लस-1 भवन बनाने की अनुमति थी मगर उसने जी-प्लस 2 बना लिया था। इसलिए उसके मकान का अवैध हिस्सा तोड़ा।
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सीएम के निर्देश हैं- सिंहस्थ क्षेत्र की भूमि रहे अतिक्रमण मुक्त
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने 10 दिन पहले हुई एक बैठक में उज्जैन में शासकीय जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई को सराहा था। उन्होंने सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन से अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए थे। इसके पालन में कलेक्टर आशीष सिंह ने अगले ही दिन एसपी, नगर निगम आयुक्त और एडीएम के साथ बैठक कर निर्देश दिए थे कि सिंहस्थ क्षेत्र में 2016 के बाद जिन्होंने अवैध कालोनियां काटी है, पहले उन्हें चिन्हित करें और उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराकर उनके मकान तोड़े। उसके बाद इन अवैध कालोनियों में बने मकान तोड़ने की कार्रवाई करें। उनके निर्देश के पालन में निगम के जोनल अधिकारियों और राजस्व विभाग के दल ने संयुक्त रूप से ऐसी कालोनियों को सूचीबद्ध किया। जोन-1 और 2 में कुल 6 अवैध कालोनियां मिलीं। जोन 3 में भी कई व्यक्तिगत निर्माण अवैध मिले। 250 से अधिक ऐसे मकानों की सूची तैयारी की, जिनका निर्माण साल-2016 के बाद सिंहस्थ क्षेत्र में हुआ है।
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यह भी जानिए
- सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध कालोनियां कटने, मेरिज गार्डन, होटल- रेस्त्रां बनने से साल-2016 के सिंहस्थ में कई साधु-संतों को परेशानी झेलना पड़ी थी।
-अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि ने सिंहस्थ क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त रखने का मुद्दा कई बार उठाया है।
-कहीं भी बगैर सक्षम अनुमति के पक्का निर्माण न हो, इसके लिए शहरी क्षेत्र में नगर निगम के अधिकारियों को और ग्रामीण क्षेत्र में पटवारियों को जिम्मेदार बनाया गया है। बावजूद साल दर साल अतिक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। समय पर कार्रवाई न होने से अतिक्रमणकर्ताओं के हौसले बढ़ जाते हैं। बीते दो साल की अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई पर नजर डाले तो पाएंगे कि ज्यादातर कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद ही नगर निगम और राजस्व विभाग ने की है। इसका मतलब यह है कि जब तक शिकायत नहीं, कार्रवाई नहीं।