
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के साथ फूल-प्रसाद की दुकान पर दबंगई का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रसाद खरीदने के लिए परिवार पर मनमानी राशि खर्च करने का दबाव बनाया गया। श्रद्धालुओं ने विरोध किया तो दुकान संचालक और उसके साथियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
मारपीट में गृह मंत्रालय दिल्ली में पदस्थ सीनियर अकाउंटेंट के सिर में चोट आई, जबकि उनकी गर्भवती पत्नी व रिश्तेदार भी घायल हुई। घटना महाकाल थाने से महज करीब 200 मीटर दूर की बताई जा रही है।महाकाल पुलिस ने बताया कि ग्वालियर निवासी योगेश साहू बुधवार सुबह पत्नी नेहा कुमारी, पिता ओमप्रकाश, आशादेवी, अंकिता, अंजलि और बच्चे आरव के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर दर्शन करने पहुंचे थे।
परिवार के पास सूटकेस और बैग थे। भारत माता मंदिर के सामने से मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर फूल-प्रसाद की दुकान पर उन्हें रोका गया। आरोप है कि दुकान संचालक ने 100 रुपये की प्रसाद की टोकरी देने और सामान दुकान पर रखने की बात कही। परिवार ने सामान रख दिया और प्रसाद की टोकरी लेकर आगे बढ़ने लगा। इसी दौरान दुकान पर मौजूद युवक ने कहा कि परिवार में छह लोग हैं, इसलिए 350-350 रुपये की प्रसाद की टोकरी लेनी होगी।
मनमानी का विरोध किया तो शुरू कर दी मारपीटयोगेश ने इतनी राशि का प्रसाद खरीदने से मना किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि दुकान संचालक और उसके साथियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते परिवार के सदस्यों से मारपीट करने लगे।
योगेश के सिर में चोट आई, जबकि अंकिता की कोहनी में चोट लगी है। मारपीट के दौरान योगेश की गर्भवती पत्नी नेहा को भी धक्का दिया गया। एक युवक सरिया लेकर मारने के लिए दौड़ा। अचानक हुए इस घटनाक्रम से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। सभी किसी तरह वहां से निकलकर महाकाल थाने पहुंचे और पुलिस को शिकायत की।
महाकाल पुलिस ने शिकायत के बाद दुकान पर मौजूद एक युवक को हिरासत में लिया है। दो अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। पुलिस घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। घायल श्रद्धालुओं के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मारपीट में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट की जा रही है।