
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में दीपावली पर इस बार भी आतिशबाजी प्रतिबंधित रहेगी। मंदिर प्रबंध समिति ने आठ नवंबर को दीपावली पर्व के दौरान भगवान महाकाल की आरती-पूजन में केवल एक फुलझड़ी जलाने की अनुमति दी है।
यह फुलझड़ी प्रत्येक आरती के दौरान पूजा-अर्चना के अभिन्न भाग के रूप में जलाई जाएगी। इसके अलावा गर्भगृह, कोटितीर्थ कुंड, मंदिर परिसर और श्री महाकाल महालोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आतिशबाजी और पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
मंदिर प्रबंधन के निर्देशानुसार दीपावली पर प्रातः भस्म आरती, अभ्यंग स्नान के पश्चात होने वाली आरती, संध्या आरती और शयन आरती में एक-एक फुलझड़ी जलाई जाएगी। इसके अलावा मंदिर परिसर में अनार, पटाखे, अन्य आतिशबाजी सामग्री या ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जा सकेंगे मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित सामग्री लाने और आतिशबाजी करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
महाकाल मंदिर में पहले दीपावली पर भगवान की आरती के दौरान बड़ी संख्या में फुलझड़ियां जलाई जाती थीं। मंदिर परिसर में दीपोत्सव के साथ आतिशबाजी का भी विशेष उत्साह रहता था। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आतिशबाजी पर प्रतिबंध सख्त किया गया है। अब भगवान की आरती में परंपरा के निर्वहन के लिए केवल एक फुलझड़ी जलाने की अनुमति है। बाकी सभी प्रकार की आतिशबाजी प्रतिबंधित है।
उल्लेखनीय है कि होली के दौरान गुलाल उड़ने और उसमें आग लगने से मंदिर के मुख्य पुजारी झुलस गए थे और बाद में उनकी मृत्यु तक हो गई थी। ऐसे में त्योहारों के दौरान कोई अप्रिय घटना न घटे, इसको लेकर प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं।