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उज्जैन में एक दशक बाद हाउसिंग बोर्ड की वापसी, विक्रम उद्योगपुरी में बसेंगे 1250 नए घर

Ujjain News: उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी में 1250 आवासों की कॉलोनी बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 04 Aug 2026 07:59:55 AM (IST)Updated Date: Tue, 04 Aug 2026 08:07:24 AM (IST)
उज्जैन में एक दशक बाद हाउसिंग बोर्ड की वापसी, विक्रम उद्योगपुरी में बसेंगे 1250 नए घर
उज्जैन में विक्रम उद्योगपुरी की फाइल फोटो।

HighLights

  1. 25 हजार रोजगार के बीच कर्मचारियों-श्रमिकों के लिए विकसित होगी नई आवासीय टाउनशिप
  2. अब तक 135 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं
  3. यहां पर कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवास की मांग तेजी से बढ़ी है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन के तेजी से उभरते औद्योगिक केंद्र विक्रम उद्योगपुरी में जल्द ही 1250 आवासीय इकाइयों की नई कॉलोनी विकसित हो सकती है। मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (हाउसिंग बोर्ड) ने इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेज दिया है।

प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही लगभग एक दशक बाद उज्जैन में हाउसिंग बोर्ड की कोई नई आवासीय योजना धरातल पर उतरने की दिशा में बढ़ेगी। यह योजना ऐसे समय लाई गई है, जब विक्रम उद्योगपुरी प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल हो चुका है।


यहां अब तक 135 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश के साथ करीब 25 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

आवास की मांग तेजी से बढ़ी है

अमूल, पेप्सीको सहित 20 से अधिक उद्योगों में उत्पादन शुरू होने के बाद कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवास की मांग तेजी से बढ़ी है। सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित कॉलोनी में विभिन्न आय वर्गों के लिए आवास विकसित किए जाएंगे। उद्देश्य केवल मकान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उद्योग आधारित आधुनिक आवासीय क्षेत्र तैयार करना है, जिससे कर्मचारियों को कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा मिल सके।

इससे उद्योगों को भी कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। विक्रम उद्योगपुरी के विस्तार की प्रक्रिया भी समानांतर चल रही है। 488 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर विस्तार प्रस्तावित है, जहां अल्केम लेबोरेट्रीज, अडानी समूह और वाल्वो आयशर जैसी बड़ी कंपनियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसके अलावा 360 एकड़ में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में भी औद्योगिक इकाइयों को भूखंड दिए जा चुके हैं।

अभी 50 करोड़ से वर्किंग वूमेन हॉस्टल बनाया जा रहा

औद्योगिक विकास को गति देने के लिए आधारभूत सुविधाओं पर भी तेजी से काम हो रहा है। उद्योगपुरी परिसर में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से वर्किंग वूमेन हॉस्टल बनाया जा रहा है, जिसमें करीब 1500 महिला कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था होगी।

ऐसे में हाउसिंग बोर्ड की नई योजना औद्योगिक विकास की अगली कड़ी मानी जा रही है। उज्जैन में वर्ष 2015 के बाद हाउसिंग बोर्ड कोई नई बड़ी आवासीय योजना शुरू नहीं कर पाया। शिवांगी परिसर योजना न्यायालयीन विवाद में उलझ गई, जबकि अन्य प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सके।

उद्योगों की रफ्तार, अब आवास की तैयारी

  • 1250 आवास बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा
  • 135 से अधिक उद्योगों को भूखंड आवंटित
  • 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्रस्ताव
  • 25 हजार रोजगार सृजन का अनुमान
  • 20 से अधिक उद्योगों में उत्पादन शुरू
  • 360 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित
  • 2894 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव
  • 488 हेक्टेयर में उद्योगपुरी विस्तार प्रस्तावित
  • 1500 महिलाओं के लिए बन रहा वर्किंग वूमेन हॉस्टल

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10 साल बाद नई योजना, शिवांगी परिसर सुप्रीम कोर्ट में

उज्जैन में वर्ष 2015 के बाद हाउसिंग बोर्ड कोई नई आवासीय योजना शुरू नहीं कर सका। 47.71 करोड़ रुपये की शिवांगी परिसर योजना भूमि अधिग्रहण विवाद में फंस गई। इंदौर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई 23 जनवरी 2026 को प्रस्तावित है। फैसले के बाद ही 29 निवेशकों और बोर्ड की बहुचर्चित परियोजना के भविष्य पर तस्वीर साफ हो सकेगी।

राजस्व अधिकारियों-कर्मचारियों की 196 आवासों वाली कॉलोनी का निर्माण समय सीमा से सालभर लेट चल रहा है। फिलहाल 124 मकान पूर्ण हो चुके हैं। पूरी परियोजना जनवरी-2027 में पूरी होने के बाद गुणवत्ता परीक्षण, बिजली-पानी कनेक्शन, सड़क, हैंडओवर और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने पर ही आवासों का आवंटन संभव होगा। इसलिए सरकारी कर्मचारियों का इंतजार अभी जारी रहेगा।