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नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। थाना प्रभारी की बगैर अनुमति के चिमनगंज थाने के दो पुलिसकर्मी छेड़खानी के मामले में आरोपित को गिरफ्तार करने पहुंचे थे। जहां युवक के नहीं मिलने पर उसके चाचा व भाई को जमकर पीट दिया। मामले में कांग्रेस शहर अध्यक्ष व वाल्मिकी समाज के लोगों ने थाने का घेराव कर दिया। एसपी प्रदीप शर्मा ने दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करने के आदेश जारी कर दिए।
आगर रोड स्थित शहीद नगर में रहने वाले योगेश डागर के भतीजे पवन पर एक युवती ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। इस संबंध में चिमनगंज थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। जिसके बाद थाने में पदस्थ आरक्षक अभिषेक राठौड़ और जगदीश गेहलोत पवन को पकड़ने के लिए उसके घर गए थे। जहां पवन नहीं मिला था।
आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने पवन के चाचा योगेश डागर व छोटे भाई दीपेश डागर के साथ बेरहमी से मारपीट कर दी थी। बीच-बचाव करने पहुंची महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की कर मारपीट की गई थी। बाद में पुलिस दोनों को थाने ले गई और उन्हें हिरासत में रखा था।
जिसके विरोध में सोमवार दोपहर डागर के स्वजन, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी व वाल्मिकी समाज के लोगों ने चिमनगंज थाने का घेराव कर दिया। इस दौरान जमकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई। भाटी ने कहा कि विवाद में कार्रवाई करना पुलिस का अधिकार है, लेकिन पीएचई कर्मचारी योगेश के साथ जिस तरह मारपीट की गई उससे उसके हाथ-पैर में चोट आई है।
घेराव की जानकारी मिलने पर सीएसपी पुष्पा प्रजापति भी मौके पर पहुंची थी। सीएसपी व टीआइ विवेक कनोड़िया ने लोगों को समझाइश दी थी। प्रथम द्ष्टया दोनों पुलिसकर्मी दोषी पाए गए थे। दोनों ने थाना प्रभारी कनोड़िया को मामले की जानकारी नहीं दी और आरोपित को पकड़ने गए थे। इस कारण दोनों को एसपी प्रदीप शर्मा ने लाइन अटैच कर दिया। मामले की जांच की जा रही है।
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