
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : चुनाव में हार के बाद सड़क पर उतरकर विरोध करने के बजाय पांच साल जनता के बीच रहकर मेहनत करें और फिर जनसमर्थन हासिल करें। लोकतंत्र में किसी एक परिवार का राज नहीं चलता। यह नसीहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दी।
शुक्रवार को कृषि उपज मंडी में आयोजित पीएम किसान सम्मान निधि के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखे राजनीतिक प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके समर्थक दिल्ली में दो-पांच हजार लोगों के साथ अराजकता फैलाकर देश की 144 करोड़ जनता को चुनौती दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और चुनी हुई सरकारों का अपमान किया जा रहा है।

पीएम किसान सम्मान निधि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसान। -नईदुनिया
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि अटल जी 50 साल तक विपक्ष में रहे, लेकिन उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान से कभी समझौता नहीं किया। चुनाव में हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है। यदि चुनाव हार गए हैं तो पांच साल मेहनत करें, जनता के बीच जाएं और दोबारा उसका विश्वास जीतें। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या किसी एक परिवार का ही राज चलता रहेगा? देश इस भावना को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक नया सुझाव दिया। आगर रोड पर बनने वाले एलिवेटेड रोड से कृषि उपज मंडी तक सीधी कनेक्टिविटी देने के लिए एक-दो भुजाएं उतारने की संभावना तलाशने को कहा।
उनका कहना था कि इससे किसानों के ट्रैक्टर और भारी वाहन सीधे मंडी पहुंच सकेंगे। उन्हें शहर के व्यस्त मार्गों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा और यातायात का दबाव भी कम होगा। मुख्यमंत्री का यह सुझाव मंडी तक पहुंच आसान बनाने और आगर रोड पर जाम की समस्या से राहत देने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि इसे फिलहाल अधिकारियों को दिया गया सुझाव ही बताया गया है। इसके लिए किसी नई निर्माण योजना या बजट स्वीकृति की घोषणा नहीं हुई।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीबीटी के माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की। देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18680 करोड़ रुपये पहुंचे। मध्यप्रदेश के करीब 80 लाख और उज्जैन जिले के लगभग 2 लाख 10 हजार किसानों को इसका लाभ मिला।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र की पीएम किसान सम्मान निधि से पात्र किसानों को सालाना 6 हजार रुपये मिलते हैं। प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से भी इतनी ही राशि दी जा रही है। दोनों योजनाओं को मिलाकर मध्यप्रदेश के पात्र किसानों को सालाना 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है।
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