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उज्जैन में गूंजा जय महाकाल... चंद्रमौलेश्वर रूप में नगर भ्रमण पर निकले बाबा, तस्वीरों में देखें अवंतिकानाथ का राजसी वैभव

श्रावण-भाद्रपद मास के पावन अवसर पर अवंतिकानाथ भगवान श्री महाकालेश्वर की पहली सवारी सोमवार को अत्यंत राजसी वैभव और उल्लास के साथ निकाली गई।

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 03 Aug 2026 07:01:10 PM (IST)Updated Date: Mon, 03 Aug 2026 07:01:10 PM (IST)
उज्जैन में गूंजा जय महाकाल... चंद्रमौलेश्वर रूप में नगर भ्रमण पर निकले बाबा, तस्वीरों में देखें अवंतिकानाथ का राजसी वैभव
राजसी वैभव के साथ निकले अवंतिकानाथ।

HighLights

  1. राजसी वैभव के साथ निकले अवंतिकानाथ
  2. 1200 जवानों और 5 ड्रोन से हुई निगरानी
  3. 3 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। श्रावण-भाद्रपद मास के पावन अवसर पर अवंतिकानाथ भगवान श्री महाकालेश्वर की पहली सवारी सोमवार को अत्यंत राजसी वैभव और उल्लास के साथ निकाली गई। भगवान महाकाल ‘चंद्रमौलेश्वर’ स्वरूप में चांदी की पालकी में विराजमान होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले। इससे पूर्व महाकाल मंदिर में बाबा का जल, दुग्ध और पंचामृत (दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों का रस) से अभिषेक कर दिव्य श्रृंगार किया गया। इस पावन अवसर पर 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया।

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LIVE: पवित्र श्रावण मास के अवसर पर उज्जैन में आयोजित राजाधिराज श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रथम सवारी का सजीव प्रसारण#Ujjain https://t.co/dt5NlvXSsn

— Jansampark MP (@JansamparkMP) August 3, 2026

वैदिक उद्घोष की थीम पर निकली सवारी

'वैदिक उद्घोष' की विशेष थीम पर आधारित इस पहली सवारी में सैकड़ों वेदपाठी बटुकों के मुख से गूंजती वैदिक ऋचाओं ने पूरी तीर्थपुरी में आध्यात्मिक चेतना का संचार किया। परंपरा अनुसार दोपहर 3:30 बजे कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने भगवान के रजत मुखारविंद का पूजन कर पालकी को रवाना किया, जिसके बाद मुख्य द्वार पर पुलिस बल की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।


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शाम 4 बजे मंदिर से शुरू होकर 5 किलोमीटर लंबा यह मार्ग झांझ-डमरू, भजन मंडलियों, आदिवासी लोकनृत्यों और श्रद्धालुओं की पुष्पवर्षा से सराबोर रहा। सवारी कोट मोहल्ला, गुदरी, कहारवाड़ी होकर मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पहुंची, जहां पूजन के बाद गणगौर दरवाजा, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार होते हुए शाम 7 बजे पुनः मंदिर लौटी।

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1200 से अधिक जवानों और 5 ड्रोन से अभेद्य सुरक्षा

लाखों की भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में 3 एएसपी, 23 डीएसपी/सीएसपी, 32 निरीक्षक, 85 एसआई सहित 1200 से अधिक पुलिसकर्मी और 500 से अधिक वालंटियर्स तैनात किए गए हैं।

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सवारी मार्ग पर 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और 5 ड्रोन से हवाई निगरानी की जा रही है। महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, कहारवाड़ी, हरसिद्धि की पाल, रामानुज कोट, छत्रीचौक और गोपाल मंदिर जैसे प्रमुख प्रेशर पाइंटों पर अतिरिक्त पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई है। इसके अलावा संवेदनशील इमारतों की छतों पर दूरबीन के साथ जवान तैनात हैं।

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श्रद्धालुओं के लिए डायवर्जन, पार्किंग व यातायात प्लान

यातायात को सुचारु रखने के लिए पुलिस ने विशेष डायवर्जन और पार्किंग प्लान लागू किया है। देवासगेट, हरिफाटक, दौलतगंज और कार्तिक चौक से सवारी मार्ग की ओर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रखा गया है। चार पहिया वाहनों के लिए कर्कराज, भील समाज, चारधाम, इम्पीरियल और कार्तिक मेला मैदान में पार्किंग बनाई गई है, जबकि दोपहिया वाहनों के लिए हरसिद्धि पाल, क्षीरसागर और मल्टीलेवल पार्किंग तय की गई है।

यह भी पढ़ें- महाकाल की सवारी... रंग, फूल, नाद और पीढ़ियों की परंपरा मिलकर रचती है शिवमय अवंतिका का अद्भुत वैभव

सवारी मार्ग की गलियों में अवैध रूप से खड़े वाहनों पर क्रेन से हटाने व जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। कालभैरव मंदिर जाने के लिए जंतर-मंतर, लालपुल, रंजीत हनुमान व मकोड़ियाआम वाले वैकल्पिक मार्गों का सुझाव दिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने, बारिश से बचाव के इंतजाम रखने और किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी पुलिसकर्मी से संपर्क करने की अपील की है।