
उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 11 अक्टूबर को शाम 5 बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गर्भगृह में भगवान महाकाल की पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद महाकाल लोक का लोकार्पण होगा। मंदिर में प्रधानमंत्री की सुरक्षा चाकचौबंद रहेगी। ऐसे में संभावना व्यक्त की जा रही है कि 11 अक्टूबर को भस्म आरती में भक्तों का प्रवेश बंद रह सकता है। प्रधानमंत्री के आने से कुछ घंटे पहले सामान्य दर्शनार्थियों का प्रवेश भी रोका जा सकता है।
महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के 4 बजे भगवान महाकाल की भस्म आरती होती है। भस्म आरती दर्शन के लिए प्रतिदिन देशभर से भक्त महाकाल मंदिर पहुंचते हैं। मंदिर समिति भक्तों को मंदिर की वेबसाइट के जरिए आनलाइन तथा मंदिर कार्यालय के समीप स्थित काउंटर से आफलाइन दर्शन अनुमति जारी करती है। प्रतिदिन 1700 भक्तों को भस्म आरती दर्शन की अनुमति दी जाती है। मंदिर प्रशासन के अनुसार 11 अक्टूबर
की आनलाइन भस्म आरती फुल है। देश के विभिन्ना् राज्यों के भक्तों ने एक माह पहले ही भस्म आरती दर्शन की बुकिंग करा ली है।
निर्देशों का इंतजार
सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया फिलहाल गृह मंत्रालय व धर्मस्व विभाग से दर्शन व्यवस्था को लेकर कोई स्पष्ट दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के इंतजामों को देखकर लगता है, 10 व 11 अक्टूबर को आफलाइन अनुमति जारी नहीं होगी। इस संबंध में कोई भी निर्णय उच्च आदेश प्राप्त होने के बाद ही लिया जाएगा। हमने प्रधानमंत्री कार्यालय को मंदिर में होने वाली नियमित आरती तथा दर्शन व्यवस्था की संपूर्ण जानकारी भेज दी है।
महाकाल व शिप्रा के आसपास की होटलों में बुकिंग बंद
उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नगर आगमन के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। महाकाल मंदिर व शिप्रा नदी के आसपास स्थित होटलों में नियमिति चेकिंग की जा रही है। होटल संचालकों को 9 से 11 अक्टूबर तक अग्रिम बुकिंग नहीं करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। किसी भी समय तीन दिन के लिए होटलों को खाली रखने के आदेश जारी हो सकते हैं।