Mahakal Corridor Ujjain: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। उज्जैन में महाकाल कारिडोर में 25 फीट ऊंची और 500 मीटर लंबी लाल पत्थर की दीवार पर बनाए शैल चित्रों का संदर्भ सरल हिंदी भाषा में लिखने को जगह ही नहीं है। इन हालातों में उज्जैन समार्ट सिटी कंपनी, मुख्मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आदेश का पालन करने की योजना बना रही है। दीवार से दूर साइनेज बोर्ड लगाकर उस पर हिंदी में शैल चित्र का संदर्भ लिखवाया जाएगा। इसी पर क्यूआर कोड भी लगाएंगे, जिसको मोबाइल से स्कैन कर श्रद्धालु अपनी मातृभाषा में शैल चित्र का संदर्भ पढ़-सुन पाएंगे।

मालूम हो कि एक दिन पहले महाकाल कारिडोर का मुआयना करने आए मुख्यमंत्री ने दीवारों पर शिव महापुराण में उल्लेखित घटनाओं के बनाए शैल चित्रों का संदर्भ सिर्फ संस्कृत में लिखे जाने पर असंतोष व्यक्त किया था। कलेक्टर और स्मार्ट सिटी कंपनी के कार्यकारी निदेशक को निर्देश दिए थे कि शैल चित्रों का संदर्भ सरल हिंदी भाषा में भी लिखवाएं। आदेश का पालन करने को दीवार से दूर साइनेज बोर्ड पर संदर्भ लिखवाकर लगाने की योजना बनाई है। योजना को जल्द ही अमलीजामा पहनाया जा सकता है।

संस्कृत में लिखे श्लोक पढ़ने में ये परेशानी

जिन शैल चित्रों के नीचे संस्कृत में श्लोक उत्कीर्ण किए गए हैं उन्हें पढ़ने में दीवार के सामने बनी दो फीट की बाउंड्रीवाल बाधा बन रही है। श्रद्धालु दीवार को छू न पाए, इसके लिए स्मार्ट सिटी कंपनी ने दीवार से कुछ दूरी पर दो फीट ऊंची बाउंड्रीवाल बनाई है। इस बाउंड्रीवाल के बनने से शैल चित्र के नीचे लिखे श्लोक सामने खड़े रहकर पढ़े नहीं जा सकते। हां, बाउंड्रीवाल के करीब जाकर जरूर पढ़े जा सकते हैं। ये एक तकनीकी खामी है, जिसका डिजाइन करते वक्त ख्याल रखा जा सकता था।

कारिडोर में स्थापित मूर्तियों को छू नहीं पाएंगे श्रद्धालु

महाकाल कारिडोर में स्थापित मूर्तियों को श्रद्धालु छू नहीं पाएंगे। इन्हें सिर्फ दूर से निहारा जा सकेगा। ऐसा विशेष बंदोबस्त धार्मिक रीति-रिवाज और सुरक्षा स्वरूप मूर्तियों के आसपास किया गया है। बता दे कि कारिडोर में पत्थर और फाइबर रेन फोर्स प्लास्टिक से बनीं 127 से अधिक विशाल मूर्तियां स्थापित की गई हैं।

कारिडोर से बदली कई मूर्तियां

कारिडोर में स्थापित की देवी-देवताओं की कई मूर्तियों को बीते चार माह में बदला गया है। सबसे अधिक बार बदलाव बेगमबाग मार्ग के छोर पर स्थापित की मूर्तियों का हुआ है। कारण मूर्ति की बनावट में खामियां रही है। जिन मूर्तियों को हटाया गया है, वे त्रिवेणी संग्रहालय के सामने बनीं सरफेस पार्किंग के पीछे रखी गई हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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