
Mahakal Darshan: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावणी पूर्णिमा पर बुधवार को श्रावण मास का समापन हो गया है। श्रावण अधिक मास होने से इस बार मंदिर में दो माह भक्ति का उल्लास छाया रहा। इस दौरान करीब दो करोड से अधिक भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए।
मंदिर प्रशासन द्वारा श्रावण मास में विशेष दर्शन व्यवस्था लागू की गई थी। भक्तों का गर्भगृह में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित था। इस व्यवस्था से भक्तों को बिना किसी परेशानी के भगवान के दर्शन हुए। यह व्यवस्था भादौ मास में भी 11 सितंबर तक लागू रहेगी।
मंदिर प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने बताया श्रावण माह में महाकाल दर्शन करने आने वाले भक्तों की गणना करने के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा हेडकाउंट डिवाइस लगाई गई थी। इससे प्रतिदिन दर्शनार्थियों की गणना की जा रही थी। डिवाइस की गणना के अनुसार 4 जुलाई से 30 अगस्त तक करीब 2 करोड 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन किए हैं।
मंदिर समिति द्वारा सामान्य दर्शनार्थियों के लिए सुगम, सुलभ व शीघ्र दर्शन की व्यवस्था की गई है। दर्शनार्थियों को 30 से 35 मिनट में भगवान महाकाल के दर्शन हो रहे हैं। इस बार श्रावण में नया रिकार्ड बना है। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल दर्शन करने आए हैं। इससे पूर्व श्रावण मास में करीब 50 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने आने का रिकार्ड था।
श्रावण अधिकमास होने से इस बार वर्षों बाद श्रावण-भादौ मास में भगवान महाकाल की 10 सवारी अनुक्रम बना था। श्रावण मास के दो माह में भगवान महाकाल की आठ सवारियां निकल चुकी हैं। अब भादौ मास में भगवान महाकाल की केवल दो सवारियां निकलेंगी। भादौ मास की पहली सवारी 4 सितंबर को निकाली जाएगी। शाही सवारी 11 सितंबर को निकलेगी।