नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन(Mahakal Mandir Ujjain)। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में अब नंदी हॉल से भगवान महाकाल के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को भी रेडियो फ्रिकवेंसी बैंड से प्रवेश मिलेगा। मंदिर समिति ने भस्म आरती में प्रयोग सफल रहने के बाद दर्शन व्यवस्था में नई तकनीक के उपयोग का निर्णय लिया है। जल्द ही इसे लागू किया जा सकता है।
महाकाल मंदिर में प्रोटोकाल के तहत आने वाले श्रद्धालुओं को नंदी हाल व गर्भगृह की दहलीज से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जा रहे हैं। अभी मंदिर के प्रोटोकाल कार्यालय से कम्प्यूटराइज्ड पर्ची के माध्यम से वीआइपी को दर्शन कराए जाते हैं। हालांकि इस व्यवस्था में कई खामियां भी है।
इसका फायदा उठाते हुए दर्शन व्यवस्था में तैनात कर्मचारी कुछ लोगों को बिना अनुमति दर्शन कराते हैं। भस्म आरती की तरह इस व्यवस्था में भी अधिकारियों को भ्रष्टाचार की शिकायत मिल रही है। बताया जाता है जल्द ही नंदी हाल व गर्भगृह की दहलीज से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कलाई पर आरएफआईडी बैंड बंधा हुआ नजर आएगा।
भस्म आरती में लागू रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडी व्यवस्था में दर्शनार्थियों को सफेद कलर के बैंड बांधे जा रहे हैं। अब नंदी हाल व गर्भगृह के गलियारे के लिए अलग-अलग कलर के बैंड बनाए जाएंगे। यह दोनों बैंड पीले व गुलाबी कलर के रहेंगे।
इसके लिए प्रवेश के गेट भी अलग होंगे। व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर नजर रखने के लिए विशेष कर्मचारी तैनात रहेंगे। इसके लिए अतिरिक्त कैमरे भी लगाए जा सकते हैं।
महाकाल मंदिर में जब से भस्म आरती में आरएफआईडी बैंड की शुरुआत हुई है, भक्तों में इसका क्रेज बढ़ता जा रहा है। भक्त आरएफआईडी बैंड को प्रतिष्ठा का प्रतीक मानने लगे हैं। आरएफआईडी के साथ सेल्फी लेने की होड़ भी भक्तों में रहती है। नंदी हाल व गर्भगृह की दहलीज से दर्शन के लिए इस व्यवस्था के लागू होने के बाद मंदिर में अनाधिकृत प्रवेश रुकेगा।
भस्म आरती में आरएफआईडी बैंड का प्रयोग सफल रहा है। अब नंदी हाल व गर्भगृह की दहलीज से दर्शन के लिए इसे लागू किया जाएगा। इससे भक्तों को और भी सुविधा से भगवान के दर्शन होंगे। - गणेश कुमार धाकड़, प्रशासक, महाकालेश्वर मंदिर