
Mahakal Sawan Sawari: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। श्रावण के आखिरी सोमवार को करीब 4 लाख भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। रविवार रात्रि 2.30 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद सुबह छह बजे तक 34316 भक्तों ने चलायमान व्यवस्था से भस्म आरती के दर्शन किए।
मंदिर प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने बताया कि स्मार्ट सिटी द्वारा करीब 8 लाख रुपये की लागत से मंदिर के कई प्रवेश द्वारों पर लगे कैमरों में आर्टिफिशियल एनालिटिक्स सिस्टम लगाया है, जो हेड काउंटिंग करता है। कोई भी श्रद्धालु जब कैमरे की इमेजर लाइन के सामने आता है, तो कैमरा एक यूनिक आइडी जनरेट करता है। इसके बाद यूनिक आइडी की काउंटिंग की जाती है, इससे दर्शनार्थियों की संख्या की गणना होती है। यह सिस्टम काफी सफल है और इससे दर्शनार्थियों की काफी हद तक वास्तविक संख्या हमारे सामने आ जाती है।
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से सोमवार को श्रावण मास की भगवान महाकाल की आखिरी सवारी निकाली गई। अवंतिकानाथ भक्तों को आठ रूपों में दर्शन देने निकले। भक्तों को चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ पर शिव तांडव, नंदी पर उमा-महेश, रथ पर होलकर, घटाटोप, जटाशंकर तथा श्री रुद्रेश्वर स्वरूप के दर्शन हुए। इससे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भगवान महाकाल के दर्शन किए।
श्रावण के आखिरी सोमवार पर आज प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। इसके पहले वे श्रावण मास के तीसरे सोमवार पर सपरिवार महाकाल का आशीर्वाद लेने पहुंचने थे। इसके बाद वे महाकाल की सवारी में भी शामिल हुए थे।
सवारी में सबसे अगे महाकाल मंदिर का प्रतिनिधि रजत ध्वज कर रहा है। पीछे पुलिस का अश्वरोही दल, पुलिस बैंड, सशस्त्र बल की टुकड़ी मार्च पास्ट करते चल रही है। इसके ठीक पीछे भस्म रमैया भक्त मंडल के सदस्य शिव प्रिय वाद्य झांझ व डमरू की मंगल ध्वनि करते चल रहा है। इसके बाद भगवान महाकाल की पालकी व अन्य मुखारविंद शामिल हुए हैं। परंपरागत नौ भजन मंडलियां भी सवारी का हिस्सा है।