महाकाल मंदिर : श्रावण में गर्भगृह से दर्शन कराने की योजना
देश-विदेश से आने वाले भक्तों को कम से कम समय में गर्भगृह से बाबा महाकाल के दर्शन कराने की योजना तैयार की जा रही है। ...और पढ़ें
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Publish Date: Thu, 26 Jul 2018 02:46:58 PM (IST)Updated Date: Thu, 26 Jul 2018 02:49:33 PM (IST)

उज्जैन, नईदुनिया प्रतिनिधि। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास के दौरान देश-विदेश से आने वाले भक्तों को कम से कम समय में गर्भगृह से बाबा महाकाल के दर्शन कराने की योजना तैयार की जा रही है। बुधवार को कलेक्टर ने पुजारी-पंडित की बैठक बुलाकर उनके सुझाव लिए। बैठक में भीड़ नियंत्रण पर भी चर्चा हुई। श्रावण मास में देश-विदेश से हजारों भक्त प्रतिदिन भगवान महाकाल के दर्शन करने आते हैं। अत्यधिक भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन गर्भगृह में आम दर्शनार्थियों का प्रवेश बंद कर देता है। भक्तों को दूर से राजाधिराज के दर्शन होते हैं।
बीते वर्ष तात्कालिक अफसरों ने श्रावण के अधिकांश दिनों में सुबह 10 बजे तक भक्तों को गर्भगृह से दर्शन कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की थी। मंदिर समिति इस बार दर्शनार्थियों को सुबह व दोपहर के समय गर्भगृह से दर्शन की योजना बना रही है। कलेक्टर का मानना है कि भक्त हजारों किलोमीटर दूर से बाबा के दर्शन करने आते हैं। उन्हें श्रावण मास में भगवान के जलाभिषेक का मौका मिलना चाहिए।
हालांकि इस योजना को मूर्त रूप देने में भीड़ नियंत्रण बड़ी बाधा है। बुधवार को आयोजित पुजारी-पंडित की बैठक में गर्भगृह में तेजी से लाइन चलाने की योजना पर चर्चा हुई। पुजारियों को निर्देश दिए गए कि वे यजमानों को पूजा-अर्चना कराने में अधिक समय ना लगाएं, क्योंकि श्रद्धालुओं के अधिक देर तक खड़े रहने से लाइन चलाने की व्यवस्था बाधित होती है। पुजारियों ने समिति द्वारा की जाने वाली व्यवस्था में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। समिति सदस्य पुजारी प्रदीप गुरु, पं.महेश पुजारी, पं.आशीष पुजारी, चंद्रमोहन पुजारी, पं.सत्यनारायण जोशी सहित अन्य पुजारी-पंडित मौजूद थे।