• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • उज्जैन

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mahakal Temple Fire: महाकाल मंदिर में रंगपंचमी पर नहीं उड़ेगा गुलाल, गर्भगृह और नंदी हाल में अनाधिकृत प्रवेश पर रोक

मंदिर समिति इस घटना के बाद व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन का प्लान तैयार कर रही है। नई व्यवस्था को जल्द लागू किया जाएगा। समिति भस्म आरती व वीआइपी दर्शन...और पढ़ें

By Paras PandeyEdited By: Paras Pandey
Publish Date: Tue, 26 Mar 2024 07:23:19 PM (IST)Updated Date: Tue, 26 Mar 2024 10:42:15 PM (IST)
Mahakal Temple Fire: महाकाल मंदिर में रंगपंचमी पर नहीं उड़ेगा गुलाल, गर्भगृह और नंदी हाल में अनाधिकृत प्रवेश पर रोक
भगवान महाकाल

HighLights

  1. होली पर हादसे के बाद सख्त हुआ प्रशासन
  2. गर्भगृह व नंदी हाल में आनाधिकृत प्रवेश पर रोक
  3. आमूलचूल परिवर्तन का प्लान तैयार हो रहा, जल्द लागू होगी नई व्यवस्था

उज्जैन, (नईदुनिया प्रतिनिधि)। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में धुलेंडी पर हुए हादसे के बाद मंदिर प्रशासन सख्त हो गया है। मंगलवार से व्यवस्था में परिवर्तन हुआ और गर्भगृह व नंदी हाल में अनधिकृत लोगों व सोलाधारियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई।

इसके अलावा समिति ने गर्भगृह, नंदी हाल आदि में रंग, गुलाल उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यानी श्रद्धालु या अन्य कोई रंग-गुलाल नहीं ले सकेंगे। रंगपंचमी पर भी यह रोक जारी रहेगी। इस दिन केवल पुजारी-पुरोहित भगवान महाकाल को प्रतीकात्मक रूप से टेसू के फूलों से बना प्राकृतिक रंग अर्पित करेंगे।


मंदिर समिति पुजारी-पुरोहितों को टेसू के फूलों से बना प्राकृतिक रंग उपलब्ध कराएगी। मंदिर समिति अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए एक्शन प्लान भी बना रही है। इसे जल्द अमलीजामा पहनाया जाएगा।

naidunia_image

बता दें कि ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में होली के दिन सोमवार सुबह भस्म आरती के दौरान गर्भगृह में आग लग गई। इससे पुजारी, पंडे और सेवकों सहित कुल 14 लोग झुलस गए। नौ घायलों को इंदौर रैफर किया गया था। घटना को लेकर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। तीन दिन में रिपोर्ट आएगी। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सभी घायलों से मुलाकात की थी। घायलों को एक लाख रुपये की सहायता राशि भी दी जा रही है।

अभी तक यह कारण सामने आया

महाकाल मंदिर में रोज की तरह सोमवार तड़के भस्म आरती हो रही थी। पूजन के क्रम में सुबह 5.45 बजे कपूर आरती शुरू हुई। इसी दौरान किसी ने स्प्रे, सिलेंडर से गुलाल उड़ाया। केमिकल युक्त गुलाल कपूर के संपर्क में आया और आग भभक गई। गर्भगृह की दीवारें चांदी से मंडित हैं। ऊपर रुद्र यंत्र है। गुलाल से यह खराब न हो, इसलिए इन्हें ढंका जाता है। हर बार इसे सूती कपड़े आदि से ढंका जाता था।

naidunia_image

इस बार पानी से बचाव करने के लिए फ्लैक्स का भी उपयोग किया गया। इस कारण आग और तेजी से फैली और पुजारियों तथा सेवकों को अपनी चपेट में ले लिया। सूत्रों के अनुसार करीब ढाई क्विंटल गुलाल मंदिर में पहुंचा था। अधिकारियों का कहना है कि इतना गुलाल कैसे पहुंचा, इसकी भी जांच की जाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में हर्बल पूजन सामग्री का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं, इसके बावजूद केमिकल युक्त गुलाल मंदिर परिसर में बेरोकटोक लाया जाता है।

अब अनधिकृत लोगों का प्रवेश नहीं

मंदिर प्रशासन ने मंगलवार से गर्भगृह व नंदी हाल में अनाधिकृत लोग व सोलाधारियों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। अब वही पुजारी गर्भगृह व नंदी हाल में मौजूद रहेंगे, जिनकी बैठक (बारी) चल रही है। अन्य कोई पुजारी, पुरोहित, प्रतिनिधि तथा कर्मचारी प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेगा। आम तौर पर देखने में आता है कि दिनभर बड़ी संख्या में सोलाधारी नंदी हाल में खड़े रहते हैं, यह लोग भेंट दक्षिणा के लिए भक्तों द्वारा लाए गए फूल, प्रसाद व पूजन सामग्री भगवान को अर्पित करने गर्भगृह में जाते हैं। इससे दर्शन बाधित होते हैं तथा अव्यवस्था फैलती है।

जल्द बदलेगी पूरी व्यवस्था

हादसे के बाद गर्भगृह व नंदी हाल में अनधिकृत लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। व्यवस्थाओं में बदलाव का प्लान तैयार किया जा रहा है। जल्द ही नई व्यवस्था लागू होगी। एक्सपर्ट कमेटी के सुझावों का पूर्ण रूप से पालन कराने के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। - संदीप कुमार सोनी, प्रशासक, महाकालेश्वर मंदिर