
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन । ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में एक पुजारी के सेवक द्वारा अनाधिकृत रूप से गर्भगृह में प्रवेश कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने का मामला सामने आया है। मंदिर प्रशासन ने इसे कदाचरण मानते हुए गर्भगृह निरीक्षक, संबंधित पुजारी तथा सेवक को नोटिस जारी किया है। साथ ही अनाधिकृत लोगों के मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी है। मंगलवार से अधिकृत कार्डधारी पुजारी ,पुरोहितों को ही गर्भगृह व नंदी मंडपम में प्रवेश दिया जाएगा। बताया जाता है पुजारी का सेवक होमगार्ड सैनिक है, जो डयूटी के साथ मंदिर में सोला पहनकर यजमानों को दर्शन पूजन कराता है।
मंदिर प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने बताया बीते दिनों एक वीडियो इंटरनेट माध्यमों पर बहुप्रसारित हुआ था। इसमें होमगार्ड का एक जवान पुजारी की वेशभूषा में भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर रहा है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच करने पर पाया गया कि पुजारी की वेशभूषा में नजर आ रहा युवक एक पुजारी का सेवक है। इसने अनाधिकृत रूप से गर्भगृह में प्रवेश किया है। युवक का यह कृत्य कदाचरण की श्रेणी में आता है। नियमों के तहत इस पर कार्रवाई की जाएगी। गर्भगृह में अनाधिकृत प्रवेश रोकने की जिम्मेदार गर्भगृह निरीक्षक की है। इसलिए निरीक्षक, संबंधित पुजारी तथा सेवक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। जवाब मिलने के बाद संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रसूखदार पुजारी, पुरोहितों ने रख रखे हैं सेवक
महाकाल मंदिर समिति ने पुजारी व पुरोहितों के लिए कार्य सुविधा की दृष्टि से प्रतिनिधियों की नियुक्ति कर रखी है। इसके लिए निधि अर्थात सूची में शामिल पुजारी व पुरोहित तथा प्रतिनिधि पुजारी परिवार के वे सदस्य जिन्हें प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए पुजारी व पुरोहितों ने बाकायदा आवेदन दिए हैं, उक्त सभी को आई कार्ड जारी कर रखे हैं। यह व्यवस्था इसलिए है कि अगर मूल पुजारी व प्रतिनिधि किसी कारणवश मंदिर नहीं आ सकते हैं, तो उनके एवज में प्रतिनिधि आकर कार्य संपादित करेंगे। बावजूद इसके कुछ रसूखदार पुजारी,पुरोहितों ने मंदिर में बड़ी संख्या में सेवक रख लिए हैं। सेवक पुजारियों के यजमानों को गेट से भीतर लाना, उनके लिए पूजन सामग्री की व्यवस्था करना आदि काम करते हैं। मंदिर प्रशासन सेवक प्रथा को अनाधिकृत मानते हुए इनके मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा चुकी है। लेकिन ऐसे लोगों का मंदिर में आना बदस्तूर जारी है।