By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Mon, 04 Mar 2024 06:42:57 AM (IST)Updated Date: Mon, 04 Mar 2024 08:42:36 AM (IST)
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर 8 मार्च को भक्तों को लगातार 44 घंटे भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। मंदिर की परंपरा अनुसार 7 मार्च की रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे और 9 मार्च की रात 11 बजे शयन आरती के बाद बंद होंगे। इस दौरान गर्भगृह में भगवान के अभिषेक पूजन का क्रम सतत जारी रहेगा। श्रद्धालुओं को नंदी, गणेश व कार्तिकेय मंडप में से भगवान महाकाल के दर्शन होंगे।
रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती
मंदिर प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने बताया महाशिवरात्रि के लिए 7 व 8 मार्च की दरमियानी रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती होगी। पश्चात सुबह 7.30 बजे बालभोग (दद्योदक) तथा सुबह 10.30 बजे भोग आरती होगी। दोपहर 12 बजे तहसील की ओर से शासकीय पूजन होगा।
होलकर व सिंधिया स्टेट की ओर से होगी पूजा
शाम 4 बजे होलकर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन की जाएगी। शाम 7.30 बजे संध्या आरती में भगवान को गर्म मीठे दूध का भोग लगाया जाएगा। शाम 7 बजे से कोटितीर्थ कुंड के समीप स्थित भगवान श्री कोटेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि की महापूजा शुरू होगी। पुजारी कोटेश्वर महादेव का अभिषेक पूजन कर सप्त धान अर्पित करेंगे। पश्चात पुष्प मुकुट सजाकर आरती की जाएगी।
गर्भगृह में महानिशा काल में महाकाल की महापूजा
इसके बाद रात 11 बजे से गर्भगृह में महानिशा काल में महाकाल की महापूजा शुरू होगी, जो अगले दिन 9 मार्च को सुबह 6 बजे तक चलेगी। इस दौरान भगवान महाकाल पंचामृत, फलों के रस, गुलाब जल, भांग आदि से अभिषेक पूजन किया जाएगा। पश्चात भगवान को सप्तधान अर्पित उनके शीश सवामन फल व फूलों से बना पुष्प मुकुट सजाया जाएगा। सोने चांदी के आभूषणों से भगवान का श्रृंगार होगा।
चांदी का सिक्का व बिल्व पत्र न्यौछावर करेंगे
भगवान पर चांदी का सिक्का व बिल्व पत्र न्यौछावर किया जाएगा। भगवान को फलों का भोग लगाकर आरती की जाएगी। सेहरा दर्शन के उपरांत साल में एक बार दिन में दोपहर 12 बजे होने वाली भस्म आरती होगी। भस्म आरती के बाद भोग आरती होगी और शिवनवरात्र का पारणा होगा। रात 10.30 बजे शयन आरती के बाद रात 11 बजे मंदिर के पट बंद होंगे। इसके साथ ही महाशिवरात्रि पर्व संपन्न होगा।
आम भक्तों का प्रवेश चारधाम मंदिर से
महाशिवरात्रि पर आम भक्तों को नृसिंह घाट के समीप भील धर्मशाला से चारधाम मंदिर, शक्तिपथ, महाकाल महालोक होते हुए मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर से मंदिर की नई टनल के रास्ते गणेश मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन होंगे।
शीघ्र दर्शन टिकट सुविधा बंद रहेगी
महाशिवरात्रि पर भीड़ नियंत्रण की दृष्टि से मंदिर समिति की 250 रुपये की शीघ्र दर्शन टिकट सुविधा बंद रहेगी। श्रद्धालुओं को केवल उपरोक्त व्यवस्था से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे।
8 व 9 मार्च की आनलाइन भस्म आरती बुकिंग ब्लाक
महाशिवरात्रि पर 8 व 9 मार्च को भस्म आरती की आनलाइन बुकिंग व्यवस्था ब्लाक रहेगी। अर्थात इन दो दिनों के लिए श्रद्धालु भस्म आरती दर्शन की आनलाइन बुकिंग नहीं करा पाएंगे। भक्तों को इन दो दिनों में भस्म आरती दर्शन करने के लिए मंदिर के बुकिंग काउंटर से आफलइन अनुमति प्राप्त करना होगी।