
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। पत्नी की हत्या करने के बाद शव को बिस्तर पेटी में छिपाकर जलाने वाले पति को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नरवर थाना क्षेत्र के ग्राम पालखंदा में मई 2023 में हुई इस वारदात में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार बंसल ने आरोपित विजय परमार निवासी ग्राम पाल खंदा को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
पुलिस के अनुसार विजय परमार किराना दुकान संचालित करता था। उसका पत्नी दीपाबाई से लंबे समय से विवाद चल रहा था। दीपाबाई ने देवास के सिविल लाइन थाने में पति के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस दर्ज कराया था। वह करीब आठ साल तक मायके में रही थी। जुलाई 2021 में विजय समझौता कर उसे वापस घर ले आया था। इसके बाद भी दोनों के बीच विवाद होता रहा और विजय उसके साथ मारपीट करता था।
10 मई 2023 की रात विजय शराब के नशे में घर पहुंचा और पत्नी के साथ मारपीट की। इसके बाद दीपाबाई दिखाई नहीं दी। विजय ने स्वजन को भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही। 12 मई 2023 की रात विजय की मां सावित्रीबाई ने उससे दीपाबाई के बारे में पूछा तो उसने कह दिया कि वह मर गई है। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो हत्या का खुलासा हुआ।
विजय ने पत्नी की हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को बिस्तर पेटी में छिपाकर जला दिया था। पुलिस ने आरोपित विजय परमार को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धारा 302 और 201 भादवि में प्रकरण दर्ज किया था। मामले में निरीक्षक बल्लू सिंह मंडलोई को नोडल अधिकारी बनाया गया था। विवेचना पूरी कर न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपित को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया।