• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • उज्जैन

MP में मोरों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए नया प्रोजेक्ट तैयार, बड़नगर में बनेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्यजीवों और पक्षियों के संरक्षण की दिशा में प्रदेश सरकार प्रयास कर रही है।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 07:46:24 AM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 07:55:10 AM (IST)
MP में मोरों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए नया प्रोजेक्ट तैयार, बड़नगर में बनेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क
मां चामुंडा की आरती करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

HighLights

  1. उज्जैन के बड़नगर में कवि प्रदीप सम्मान समारोह भी होगा
  2. गजनीखेड़ी में विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन
  3. भाटपचलाना और इंगोरिया में नए सांदीपनि विद्यालय खुलेंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मां चामुंडा धाम गजनीखेड़ी में आयोजित कार्यक्रम में 22 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मोरों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए नया प्रोजेक्ट लाया जा रहा है।

बड़नगर में फूड प्रोसेसिंग पार्क बनाने, कवि प्रदीप सम्मान समारोह आयोजित करने और गीता भवन का निर्माण कराने की घोषणा की। कहा कि भाटपचलाना और इंगोरिया में नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे।

35 जिलों से आलू की खरीदी होगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग पार्क से किसानों को उपज के प्रसंस्करण और विपणन के अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उज्जैन और आगर में आलू प्रसंस्करण की नई इकाइयां शुरू की जा रही हैं। ये इकाइयां प्रदेश के 35 जिलों के किसानों से आलू खरीदेंगी, जिससे उन्हें उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।


सिंहस्थ की तैयारी के तहत प्रदेश में 25 हजार करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। आवागमन सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा सहायता योजना फिर शुरू की गई है। दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में विधायक जितेंद्र पंड्या ने चामला, गंभीर और शिप्रा नदियों को जोड़ने की लिंक परियोजना तैयार करने की मांग रखी। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने मां चामुंडा मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की तथा नौ कन्याओं का पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

naidunia_image

बुनियादी सुविधाओं पर जोर

मां चामुंडा मंदिर परिसर में 16 कमरों की धर्मशाला, टिन शेड, सामुदायिक भवन, शौचालय, पेयजल टंकी, जल संरक्षण कार्य और सीसी रोड सहित विभिन्न कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।

यह भी पढ़ें- इंदौर अर्बन कॉन्क्लेव-2026: सीएम डॉ. मोहन का फोकस शहरों के भविष्य पर, जानें कैसे बदलेगी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की तस्वीर

वन्यजीवों और पक्षियों के संरक्षण की दिशा में हो रहा काम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्यजीवों और पक्षियों के संरक्षण की दिशा में प्रदेश सरकार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय पक्षी मोर के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए नई परियोजना शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। मोरों के संरक्षण के लिए प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा, उनके रहवास वाले क्षेत्रों में अनुकूल परिस्थितियों के विकास और स्थानीय स्तर पर जागरूकता जैसे प्रयास महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें- दीपावली से पहले आयोजित होगा चंबल संभाग स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति