
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मां चामुंडा धाम गजनीखेड़ी में आयोजित कार्यक्रम में 22 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मोरों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए नया प्रोजेक्ट लाया जा रहा है।
बड़नगर में फूड प्रोसेसिंग पार्क बनाने, कवि प्रदीप सम्मान समारोह आयोजित करने और गीता भवन का निर्माण कराने की घोषणा की। कहा कि भाटपचलाना और इंगोरिया में नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग पार्क से किसानों को उपज के प्रसंस्करण और विपणन के अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उज्जैन और आगर में आलू प्रसंस्करण की नई इकाइयां शुरू की जा रही हैं। ये इकाइयां प्रदेश के 35 जिलों के किसानों से आलू खरीदेंगी, जिससे उन्हें उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।
सिंहस्थ की तैयारी के तहत प्रदेश में 25 हजार करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। आवागमन सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा सहायता योजना फिर शुरू की गई है। दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में विधायक जितेंद्र पंड्या ने चामला, गंभीर और शिप्रा नदियों को जोड़ने की लिंक परियोजना तैयार करने की मांग रखी। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने मां चामुंडा मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की तथा नौ कन्याओं का पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मां चामुंडा मंदिर परिसर में 16 कमरों की धर्मशाला, टिन शेड, सामुदायिक भवन, शौचालय, पेयजल टंकी, जल संरक्षण कार्य और सीसी रोड सहित विभिन्न कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्यजीवों और पक्षियों के संरक्षण की दिशा में प्रदेश सरकार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय पक्षी मोर के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए नई परियोजना शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। मोरों के संरक्षण के लिए प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा, उनके रहवास वाले क्षेत्रों में अनुकूल परिस्थितियों के विकास और स्थानीय स्तर पर जागरूकता जैसे प्रयास महत्वपूर्ण हो सकते हैं।