
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन रेलवे स्टेशन पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को सीधे स्टेशन पर पहुंचने से रोकने के लिए रेलवे ने होल्डिंग एरिया की व्यवस्था पर विशेष फोकस किया है। उज्जैन स्टेशन के माधवनगर, नीलगंगा और इंदौरगेट की ओर होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं।
इसके अलावा चिंतामन गणेश, पंवासा, पिंगलेश्वर और विक्रमनगर रेलवे स्टेशनों पर भी यात्रियों को रोकने के लिए व्यवस्था विकसित की जा रही है। जरूरत के अनुसार भीड़ को इन स्थानों पर रोककर चरणबद्ध तरीके से मुख्य स्टेशन की ओर भेजा जाएगा। इससे प्लेटफार्म और प्रवेश-निकास मार्गों पर एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से बनने वाले दबाव को कम किया जा सकेगा।
माधवनगर, नीलगंगा और इंदौरगेट की ओर रेलवे कर्मचारियों के पुराने क्वार्टरों को हटाकर होल्डिंग एरिया तैयार करने का काम शुरू हो गया है। रेलवे यहां यात्रियों की सुविधा के लिए वाशरूम, पेयजल, टिकट विंडो और ट्रेनों के आवागमन की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रहा है।
यानी भीड़ को केवल रोकने के बजाय इन स्थानों पर यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। रेलवे की योजना के अनुसार भीड़ का दबाव बढ़ने पर श्रद्धालुओं को पहले होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा और स्टेशन पर स्थिति सामान्य होने के बाद उन्हें आगे भेजा जाएगा।
सिंहस्थ को लेकर पश्चिम रेलवे ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था भी मजबूत करना शुरू कर दिया है। उज्जैन सहित आठ रेलवे स्टेशनों पर कुल 753 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें अकेले उज्जैन स्टेशन पर 217 कैमरे होंगे। स्टेशन पर केंद्रीकृत कंट्रोल-कम-सीसीटीवी मानिटरिंग रूम बनाया जाएगा।
यहां से प्लेटफार्म, प्रवेश-निकास मार्ग और भीड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी। यात्री सूचना प्रणाली, उद्घोषणा व्यवस्था और आप्टिकल फाइबर नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है।
रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण पर भी काम कर रहा है। माधवनगर स्टेशन के भवन पर आकर्षक पेंटिंग बनाई जा रही है। रेलवे अधिकारियों का फोकस व्यवस्था के साथ स्टेशन की छवि सुधारने पर भी है, ताकि सिंहस्थ के दौरान देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिल सके।
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