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लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े राजपाल ने नागदा और अपने गांव में नहीं की कोई वारदात; इसलिए किसी को शक नहीं हुआ

बड़ी बात तो यह है कि राजपाल के जिन लोगों से घनिष्ठ संबंध थे, पुलिस को उन लोगों की गतिविधियों पर नजर रखना चाहिए। पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रह...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sat, 04 Apr 2026 11:18:25 AM (IST)Updated Date: Sat, 04 Apr 2026 11:24:15 AM (IST)
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े राजपाल ने नागदा और अपने गांव में नहीं की कोई वारदात; इसलिए किसी को शक नहीं हुआ
पुलिस की गिरफ्त में राजपाल। फाइल फोटो

HighLights

  1. राजपाल के गांव बनबना में भी एक बदमाश से संबंध थे
  2. दुर्गापुरा में भी एक नेता के यहां पूर्व में काम कर चुका है
  3. पाल्यारोड पर भी दो-तीन लोगों से उसके संबंध थे

नईदुनिया न्यूज, नागदा जंक्शन। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े राजपाल की खरगोन जिले के कसरावत में एक व्यापारी से फिरौती मांगने को लेकर फायर करने के मामले में पुलिस को तलाश थी। पुलिस के दबाव के चलते उसने समर्पण कर दिया। उसके यहां कई लोगों से संपर्क थे। उन पर नजर रखने की जगह स्थानीय पुलिस एसआइटी के भरोसे हैं।

16 मार्च को खरगोन जिले के गांव कसरावत थाना क्षेत्र के व्यापारी दिलीप राठौर पर फिरौती को लेकर फायरिंग हुई थी। इस मामले में पुलिस ने नागदा से लगे गांव रतन्याखेड़ी के राजपाल को भी आरोपित बनाया था। तब से ही वह फरार था। पुलिस द्वारा उनके स्वजनों पर दबाव बनाने के बाद उसे ऐसा लगा कि उसके साथ पुलिस कुछ कर सकती है तो उसने पत्रकारों से चर्चा की। कुछ देर बाद ही पुलिस के सामने समर्पण कर दिया।


पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही

इसमें बड़ी बात तो यह है कि राजपाल के जिन लोगों से घनिष्ठ संबंध थे, पुलिस को उन लोगों की गतिविधियों पर नजर रखना चाहिए। पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। इस संबंध में सीएसपी विक्रम अहिरवार ने बताया कि ऐसे बड़े मामले होते हैं, उसमें एसआईटी का गठन होता है।

इसमें डीआईजी, एसपी व एडीशनल एसपी रैंक के अधिकारी शामिल होते हैं और उनका काम सिर्फ एक ही मामले की जांच करना होती है। इस मामले में भी एसआईटी जांच कर रही है। उसकी नजर सब पर है। वहां से जो आदेश मिलेगा, उस पर हम काम करेंगे।

बनबना में भी एक बदमाश से संबंध थे

सूत्रों के अनुसार राजपाल के गांव बनबना में भी एक बदमाश से संबंध थे। पांच-छह घंटे उसके साथ बैठता था। दुर्गापुरा में भी एक नेता के यहां पूर्व में काम कर चुका है, वहां भी उसकी बैठक थी। पाल्यारोड पर भी दो-तीन लोगों से उसके संबंध थे। कसरावत वाली घटना में इसके साथ योगेश भाटी भी था। उसे चार दिन पूर्व खरगोन की पुलिस उठाकर ले गई है।

राजपाल की सबसे बड़ी बात यह है कि वह शहर में किसी भी तरह की कोई वारदात नहीं करता व उसका व्यवहार भी अपराधी प्रवृत्ति का शहर व गांव में नहीं रहा है। इसी के चलते उस पर कोई शंका नहीं करता कि वह इतनी बड़ी गैंग से जुड़ा हुआ है।

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