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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ram Navami 2024: 12 साल बाद गुरु आदित्य योग में मनेगा भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव

बृहस्पति व सूर्य मेष राशि पर 12 वर्ष बाद आ रहे हैं। इस दृष्टि से यह गुरु आदित्य योग 12 वर्ष में बन रहा है।

By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Sun, 14 Apr 2024 07:30:44 AM (IST)Updated Date: Sun, 14 Apr 2024 07:30:44 AM (IST)
Ram Navami 2024:  12 साल बाद गुरु आदित्य योग में मनेगा भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव

HighLights

  1. चिरकाल तक समृद्धि प्रदान करता है इस योग में किया गया धार्मिक कार्य
  2. मध्याह्नकाल में दोपहर 12 बजे भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनेगा।
  3. शंख, घंटे घड़ियाल की मंगल ध्वनि के साथ जन्म आरती होगी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर 17 अप्रैल को 12 साल बाद गुरु आदित्य योग में रामनवमी मनाई जाएगी। मध्याह्नकाल में दोपहर 12 बजे भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनेगा। शंख, घंटे घड़ियाल की मंगल ध्वनि के साथ जन्म आरती होगी। भक्तों को पंजेरी महाप्रसादी का वितरण होगा।

ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला के अनुसार 17 अप्रैल को बुधवार के दिन अश्लेषा नक्षत्र, शूल योग, कोलव करण व कर्क राशि के चंद्रमा की साक्षी में राम जन्म का पर्व मनाया जाएगा। ग्रह गोचर की गणना से देखें तो इस बार गुरु आदित्य के संयोग में रामनवमी का त्यौहार आ रहा है।


रामनवमी के दिन गुरु व सूर्य एक साथ मेष राशि में रहेंगे। सूर्य व गुरु का एक साथ एक राशि में मौजूद होना गुरु आदित्य योग का निर्माण करता है। सूर्य मेष राशि में उच्च के माने जाते हैं और गुरु समकारक मित्र है। इस दृष्टि से इस योग में किया गया धार्मिक कार्य चिरकाल तक समृद्धि का कारण बनता है।

12 वर्ष में बनता है एक बार संयोग

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन की स्थिति अलग-अलग प्रकार से होती है। कुछ ग्रह 30 से 40 दिन में राशि परिवर्तन करते हैं। शनि ढाई वर्ष में तथा बृहस्पति का राशि परिवर्तन एक वर्ष में होता है। वर्तमान ग्रह गोचर की गणना से देखें तो इस बार रामनवमी पर बृहस्पति मेष राशि में गोचरस्थ रहेंगे और सूर्य के साथ युति संबंध बनाएंगे।

बृहस्पति व सूर्य मेष राशि पर 12 वर्ष बाद आ रहे हैं। इस दृष्टि से यह गुरु आदित्य योग 12 वर्ष में बन रहा है। यह एक विशेष प्रकार की धार्मिक और आध्यात्मिक स्थिति है। क्योंकि सूर्य और गुरु दोनों धर्म के कारक ग्रह हैं। इससे धर्म के प्रचार प्रसार की स्थिति बनेगी। आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से लोग परम शक्ति को समझने का प्रयास करेंगे।

मनोकामना अनुसार रामनवमी से वर्षभर करें यह पाठ

-श्री राम मंगल शासनम- नेतृत्व क्षमता प्राप्त होगी।

-श्री राम स्तुति- भक्ति का अनुभव होगा।

-श्री रमाष्टकम- समस्त प्रकार के संकट समाप्त होंगे।

-श्री राम स्तवन- शारीरिक कष्ट से मुक्ति मिलेगी।

-रामायण जी का बालकांड- संतान सुख की प्राप्ति होगी।

-सुंदरकांड- ग्रहों की पीड़ा से मुक्ति मिलेगी, संकट समाप्त होंगे।

-उत्तर रामायण का पारायण- पारिवारिक सुख शांति प्राप्त होगी।

-नव्हान पारायण- ज्ञान, भक्ति, वैराग्य व आध्यात्मिकता प्राप्त होगी।