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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महाकाल की सवारी में 25 साल सेवा देने वाला 'रामू' नहीं रहा

भगवान महाकाल की सवारी में सेवा देने वाले हाथी रामू की रविवार अलसुबह मौत हो गई।

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Publish Date: Sun, 02 Oct 2016 08:11:07 PM (IST)Updated Date: Mon, 03 Oct 2016 04:01:41 PM (IST)
महाकाल की सवारी में 25 साल सेवा देने वाला 'रामू' नहीं रहा

उज्जैन। भगवान महाकाल की सवारी में सेवा देने वाले हाथी रामू की रविवार अलसुबह मौत हो गई। दोपहर में वन विभाग द्वारा मक्सी रोड स्थित नवलखी बीड़ में रामू का अंतिम संस्कार किया गया।

विभाग के अनुसार रामू दो माह से बीमार था। बताया जाता है कि घास के साथ उसने धातु का टुकड़ा निगल लिया था। इसके बाद से अक्सर उसकी तबीयत खराब रहने लगी। तीन दिन पहले हालत गंभीर होने पर चारधाम मंदिर के पास बालक छात्रावास परिसर में रामू का इलाज किया जा रहा था।

शनिवार को उसकी हालत में कुछ सुधार भी हुआ, लेकिन रविवार सुबह एकाएक उसकी मौत हो गई। गौरतलब है कि 60 वर्षीय रामू बीते 25 साल से महाकाल की सवारी में सेवा दे रहा था। इस बार बीमारी के कारण रामू के स्थान पर उसके भाई श्यामू को सवारी में शामिल किया गया था।


क्रेन से ट्रक में रख निकाली शव यात्रा

रामू की देह को वन विभाग ने क्रेन से ट्रक पर रखवाया। उसके शव को नवलखी बीड़ ले जाकर 15 बाय 15 फीट के गड्ढे में दफनाया गया। उस पर 3 क्विंटल नमक तथा 4 क्विंटल चूना भी डाला गया।