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उज्जैन में सड़कें चौड़ी हो रहीं, अब चौराहों की भी सुध लो; जाम और हादसे रोकने की भी हो पुख्ता तैयारी

उज्जैन में गुदरी-पानदरीबा-हरसिद्धि, दानीगेट, नीलगंगा, तिलकेश्वर, खाकचौक-मंगलनाथ, नरसिंह घाट और महाकाल-गोपाल मंदिर-कमरी मार्ग सहित कई मार्गों का काम चल...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 14 Aug 2026 11:58:45 AM (IST)Updated Date: Fri, 14 Aug 2026 12:09:18 PM (IST)
उज्जैन में सड़कें चौड़ी हो रहीं, अब चौराहों की भी सुध लो; जाम और हादसे रोकने की भी हो पुख्ता तैयारी
उज्जैन में सड़कों को चौड़ा करने के साथ चौराहों को भी बड़ा बनाने की जरूरत आ रही नजर।

HighLights

  1. सिंहस्थ से पहले कई प्रमुख सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है
  2. सड़क चौड़ी होने के बाद भी वाहन चौराहे पर आकर उलझेंगे
  3. लेफ्ट टर्न, पार्किंग, जेब्रा क्रॉसिंग जैसी दिक्कतें वही रहेंगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ-2028 से पहले शहर की कई प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने और नए रास्ते बनाने का काम चल रहा है। कहीं सड़क चौड़ी हो रही है तो कहीं नया मार्ग तैयार किया जा रहा है। लेकिन इन सड़कों का सबसे अहम हिस्सा यानी चौराहे अभी भी पुराने ढर्रे पर हैं।

सड़क चौड़ी होने के बाद वाहन चौराहे पर पहुंचते ही फिर उलझेंगे तो पूरी कवायद का फायदा सीमित रह जाएगा। इसलिए अब सड़कों के साथ चौराहों को भी नए सिरे से विकसित करने की जरूरत है। शहर में सिंहस्थ को देखते हुए गुदरी चौराहा-पानदरीबा-हरसिद्धि पाल मार्ग, बंबई वाले की धर्मशाला-दानीगेट, शिंदे नर्सिंग होम-नीलगंगा, गौतम मार्ग-तिलकेश्वर मार्ग, अंकपात चौराहा-खाकचौक-मंगलनाथ, गदा पुलिया-रविशंकर नगर-नरसिंह घाट तिराहा और महाकाल चौराहा-गोपाल मंदिर-कमरी मार्ग सहित कई मार्गों के चौड़ीकरण और विकास की योजनाएं हैं।


चौबीस खंभा माता मंदिर से छोटा रुद्रसागर तक मार्ग चौड़ीकरण के साथ सुंदरीकरण भी प्रस्तावित है। देवास रोड से नानाखेड़ा तक एमआर-2 के उन्नयन सहित शहर की कनेक्टिविटी बढ़ाने वाले दूसरे काम भी प्रस्तावित हैं।

सड़क चौड़ी तो चौराहा भी खुले

अक्सर सड़क चौड़ी होने के बाद चौराहे पर पहुंचते ही वाहन चालकों को वही पुरानी परेशानी मिलती है। कहीं लेफ्ट टर्न के लिए जगह नहीं, कहीं बेतरतीब पार्किंग तो कहीं पैदल सड़क पार करने के लिए सुरक्षित जगह नहीं। सिंहस्थ में जब शहर में वाहनों और श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ेगी, तब यह समस्या और बड़ी हो सकती है। इसलिए जिस मार्ग का चौड़ीकरण हो, उसके प्रमुख चौराहे का भी उसी समय सर्वे और डिजाइन तैयार होना चाहिए।

सुंदर दिखे, लेकिन रास्ता न रोके

चौराहों के सुंदरीकरण में सिर्फ रंग-रोगन, पौधे और आकर्षक स्ट्रक्चर लगाने पर जोर नहीं होना चाहिए। डिजाइन ऐसी हो कि चौराहा सुंदर भी दिखे और वाहन चालक को दूर से रास्ता साफ नजर भी आए। हरियाली, पर्याप्त रोशनी, आकर्षक लैंडस्केपिंग, उज्जैन की पहचान से जुड़े कलात्मक स्वरूप और बेहतर साइन बोर्ड लगाए जा सकते हैं। लेकिन ऐसा कोई निर्माण न हो जिससे वाहन की दृश्यता कम हो या पैदल चलने वालों का रास्ता बाधित हो।

जाम और हादसे रोकना पहली जरूरत

हर बड़े चौराहे का ट्रैफिक दबाव अलग है। इसलिए सभी जगह एक जैसा डिजाइन काम नहीं करेगा। जहां ज्यादा वाहन हैं वहां सिग्नल व्यवस्था, लेन मार्किंग, यू-टर्न, लेफ्ट टर्न और ट्रैफिक आइलैंड की जरूरत के हिसाब से व्यवस्था करनी होगी। स्कूल, बाजार और मंदिर क्षेत्र वाले चौराहों पर पैदल यात्रियों के लिए जेब्रा क्रॉसिंग, फुटपाथ और सुरक्षित क्रॉसिंग जरूरी होगी।

पार्किंग की समस्या भी चौराहे से दूर हो

शहर के कई चौराहों पर सड़क किनारे वाहन खड़े होने से चौड़ी सड़क भी संकरी दिखाई देती है। इसलिए सुंदरीकरण योजना में आसपास की पार्किंग व्यवस्था को भी जोड़ना होगा। ऑटो और ई-रिक्शा के लिए अलग स्थान तय हों, ताकि चौराहे पर रुककर सवारी बैठाने की समस्या कम हो। शहर में तीन लोकेशन पर मल्टी लेवल पार्किंग की योजना बनी मगर अब तक धरातल पर काम शुरू न हो सका।

हर चौराहे की हो अपनी पहचान

महाकाल क्षेत्र के चौराहों पर उज्जैन की धार्मिक पहचान, पुराने शहर में विरासत और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर शहर की सांस्कृतिक पहचान को डिजाइन में शामिल किया जा सकता है। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को चौराहे सिर्फ रास्ता बताने वाले स्थान नहीं, बल्कि उज्जैन की पहचान नजर आएंगे। सिंहस्थ के लिए तैयारियां अभी चल रही हैं।

इसलिए चौराहों की योजना भी अभी बने तो सड़क बनने के बाद दोबारा तोड़फोड़ की जरूरत नहीं पड़ेगी। सड़क, चौराहा, ट्रैफिक, पैदल रास्ता, पार्किंग, रोशनी और हरियाली—इन सभी को एक ही प्लान में रखा जाना चाहिए। सड़कें चौड़ी होने से शहर का रास्ता आसान होगा, लेकिन चौराहे व्यवस्थित होने से ही सफर सुरक्षित, सुगम और खूबसूरत बनेगा।

तीन बत्ती से शुरू हो सकता है ‘चौराहा सुधार’ मॉडल

तीन बत्ती चौराहे को लेफ्ट टर्न फ्री बनाने की तैयारी शहर के दूसरे चौराहों के लिए भी माडल बन सकती है। निगम यहां आईआरसी मानकों के अनुसार नया ट्रैफिक प्लान तैयार करेगा। चारों दिशाओं में आवश्यक चौड़ीकरण के साथ लेफ्ट टर्न को सुगम बनाया जाएगा। पहले यातायात का सर्वे और ड्राइंग-डिजाइन होगी। डिजाइन के बाद काम अधिकतम तीन माह में पूरा करने का लक्ष्य है। जरूरत है कि इसी आधार पर सिंहस्थ से पहले अन्य प्रमुख चौराहों की भी तकनीकी समीक्षा हो।

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