
Ujjain Mangalnath Temple: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मंगलनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ ठगी तथा भ्रष्टाचार कर शासकीय धन को हड़पने का मामला सामने आया है। अफसरों ने मामले की पुष्टि की है। उनका कहना है कि प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई है। रविवार को मामले की जांच होगी तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें मंगलनाथ मंदिर में मैनुअल रसीद में हेरफेर कर शासकीय धन हड़पने का खेल लंबे समय से चल रहा है।
जानकारी के अनुसार कर्मचारी दिलीप गुप्ता की शुक्रवार को रसीद काउंटर पर डयूटी थी। इस दौरान बाहर से दो श्रद्धालु भगवान मंगलनाथ का जलाभिषेक करने आए। श्रद्धालुओं ने रसीद काउंटर पर कर्मचारी गुप्ता को पांच सौ रुपये का नोट दिया तथा दो रसीद मांगी। इस पर गुप्ता ने उन्हें सौ रुपये लौटाए और कहा कि आप जलाभिषेक करके आएं तब तक मैं रसीद बनाकर रखता हूं। जैसे ही दर्शनार्थी भगवान का जलाभिषेक करने गए, कर्मचारी काउंटर छोड़कर नदारद हो गया। दर्शनार्थी लौटे और कुछ देर इंतजार के बाद बिना रसीद लिए चले गए। बताया जाता है कि कर्मचारी ने पूरे चार सौ रुपये जेब में रख लिए। यह घटना सीसीटीवी में कैद है।
बताया जाता है कर्मचारी ने एक दिन में कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। सुबह 400 रुपये जेब में रखने के बाद दिन में भी कुछ श्रद्धालुओं के साथ ठगी की। इस बार मैनुअल रसीद में गड़बड़ी कर श्रद्धालु व मंदिर समिति को चूना लगाया। बताया जाता है कर्मचारी ने दो श्रद्धालुओं से अभिषेक के लिए 150-150 रुपये लिए। रसीद कट्टे में रसीद भी निर्धारित राशि की काटी लेकिन जब श्रद्धालुओं को रसीद दी, तब 150 रुपये काटकर उसमें 200 रुपये कर दिए। इस प्रकार श्रद्धालुओं से कुल 400 रुपये वसूले।
मंगलनाथ मंदिर में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं। सालों से कर्मचारी मैनुअल रसीद में हेरफेर कर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। वर्ष 2018 में तत्कालीन कलेक्टर मनीषसिंह ने भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया था। इस मामले में कुछ कर्मचारियों को जेल भी हुई थी। कुछ समय तक सबकुछ ठीक रहा लेकिन, बाद में फिर से यह गड़बड़ी शुरू हो गई। प्रशासक के आरोप पर गौर करें, तो अफसर वास्तव में भ्रष्ट व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कई महीनों से आनलाइन रसीद व्यवस्था बंद है। जिम्मेदार इसे चालू नहीं करा पा रहे हैं।
मंदिर के पुजारियों ने श्रद्धालुओं के साथ की गई ठगी व भ्रष्टाचार के मामले में शुक्रवार को जमकर हंगामा मचाया। इस पर प्रशासक ने सब को चुप करा दिया तथा मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया। उन्होंने आला अफसरों को घटना की जानकारी एक दिन बाद शनिवार दोपहर को दी।
कर्मचारी दिलीप गुप्ता ने दर्शनार्थियों से रुपये लेकर उन्हें रसीद नहीं दी। यह बात सही है, मामला सीसीटीवी में कैद है। फिलहाल अधिकारियों को जानकारी नहीं दी है। उन्हें ऐसा नहीं करने के लए समझाइश दी है। - कृष्ण कुमार पाठक, प्रबंधक मंगलनाथ
मंदिर प्रबंधक केके पाठक ने मुझे मंदिर में हुई घटना की जानकारी दी है। ओवरराइटिंग की हुई रसीद के फोटो भी सेंड किए हैं। प्रथम दृष्टया मामला संगीन लग रहा है। रविवार को जांच की जाएगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। - कल्याणी पांडे, एसडीएम व अध्यक्ष मंगलनाथ मंदिर समिति