यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Shani Gochar 2025: शनि आज रात 9.42 बजे मीन राशि में करेंगे प्रवेश...आपकी राशि पर इसका कैसा पड़ेगा असर, यहां पढ़ें
Saturn Transit 2025: शनि देव आज कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इस दौरान मीन राशि में पंचग्रही युति बनेगी, जो दुनिया पर व्यापक असर डाल...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 29 Mar 2025 07:48:28 AM (IST)Updated Date: Sat, 29 Mar 2025 08:03:25 AM (IST)
शनि की पंचग्रही युति इससे पहले सन 1968 में बनी थी अर्थात यह संयोग 57 साल बाद बन रहा है।HighLights
- शनि देव का मीन राशि में प्रवेश, पंचग्रही युति से दुनिया पर व्यापक असर।
- गोचर का असर सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, प्राकृतिक रूप से नजर आएगा।
- शनिश्चरी अमावस्या पर शनि का उदय, पितृ पूजा और तेलाभिषेक से लाभ।
राजेश वर्मा, नईदुनिया उज्जैन(Shani Amavasya 2025)। न्याय के देवता शनि की चाल पर उनकी भी नजर होती है, जो ज्योतिष के जानकार नहीं होते। ऐसा इसलिए क्योंकि वे ऐसे देवता हैं जिनकी कुंडली में स्थिति व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक, आर्थिक और सामाजिक सहित विभिन्न तरीकों से प्रभावित करती है।
अब फिर शनि देव राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं और यह दिन है शनिश्चरी अमावस्या का। शनिदेव कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। उनके राशि परिवर्तन से मीन राशि में 57 साल बाद पंचग्रही युति बनेगी। इस बार शनि का राशि परिवर्तन दुनिया पर व्यापक असर डालने वाला है। यह सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, प्राकृतिक रूप से नजर आएगा।
लोगों में बढ़ेगा धर्म
के प्रति रुझान
ज्योतिर्विद पं. अमर डब्बावाला ने बताया कि शनि इन दिनों कुंभ राशि में भ्रमण कर रहे शनि शनिवार रात 9 बजकर 42 मिनट पर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। रात 11 बजकर आठ मिनट पर शनि का उदय भी होगा।
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मीन राशि में प्रवेश करते ही शनि यहां पहले से मौजूद अन्य चार ग्रहों के साथ युति बनाएंगे। शनि की पंचग्रही युति इससे पहले सन 1968 में बनी थी अर्थात यह संयोग 57 साल बाद बन रहा है। शनि का यह परिवर्तन धर्म अध्यात्म की वृद्धि कराएगा। कानून में नए संशोधन होंगे। आम जनमानस का धर्म के प्रति रुझान बढ़ेगा।
शनि का तेलाभिषेक व पितृ पूजा लाभप्रद
पं. अमर डब्बावाला ने बताया कि चैत्र मास की अमावस्या का शनिवार के दिन होने से शनिश्चरी अमावस्या कहलाएगी। इस दिन शनि का उदय भी हो रहा है तथा शनिदेव राशि परिवर्तन भी कर रहे हैं।
इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, पूजन तथा शनिदेव का तेलाभिषेक करना और शनि की वस्तुओं का दान करना लाभप्रद रहेगा। जिन जातकों को शनि की साढ़ेसाती व ढैया चल रही है, उन्हें निरंतर शनि की उपासना करते रहना चाहिए।
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होंगे वैचारिक परिवर्तन
ग्रहों की युति अलग-अलग देशों में अपना प्रभाव दिखाएगी। दुनिया में वैचारिक परिवर्तन होंगे। मानवीय सभ्यता को सुरक्षित रखने के लिए नए विचार सामने आएंगे। प्राकृतिक व पर्यावरण के क्षेत्र में नए शोध होंगे। नई तकनीक विकसित होगी, जिससे मानव सभ्यता को लाभ होगा।
यह है पंचग्रही युति
शनि जब कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, उस समय मीन राशि में पहले से मौजूद सूर्य, बुध, शुक्र व राहु के साथ युति बनेगी। शनि के मीन में आ जाने से सूर्य, बुध, शुक्र व राहु के साथ शनि पांचवें ग्रह होंगे। पांच ग्रहों के एक साथ एक राशि में होने को ही पंचग्रही युति कहते हैं।
बारह राशियों पर यह पड़ेगा प्रभाव
- मेष : शनि की साढ़े साती का पहला ढैया आरंभ होगा। अधिक सोचने से बचें और जल्दबाजी न करें।
- वृषभ : कार्य में प्रगति होगी, फिर भी एकदम भरोसा ना रखें, नुकसान हो सकता है।
- मिथुन : स्वास्थ्य में सुधार की स्थिति बनेगी, पद-प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होगी तथा आर्थिक पक्ष उत्तम होगा।
- कर्क : शनि की ढैया उतरेगी, मित्रों के माध्यम से लाभ की स्थिति बनेगी, व्यवसाय में प्रगति होगी।
- सिंह : शनि की ढैया लगेगी, रुके कार्य इस दौरान पूर्ण हो सकेंगे, एक बार फिर समय अनुकूल होगा।
- कन्या : सहयोग के लिए मित्र वर्ग व स्वजन आगे आएंगे, आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
- तुला : शनि की अनुकूलता के लिए विशेष उपचार की आवश्यकता होगी, बड़े पद का लाभ मिलेगा।
- वृश्चिक : सहयोगी क्षेत्र से लाभ तथा कार्य के रास्ते खुलेंगे, आर्थिक समस्या का निराकरण होगा।
- धनु : संपत्ति में वृद्धि, वाहन की प्राप्ति, आर्थिक पक्ष की मजबूती एवं सम्मान में बढ़ोतरी होगी।
- मकर : शनि की साढ़े साती समाप्त होगी। राहत का अनुभव होगा तथा मनोवांछित कार्य बनेंगे।
- कुंभ : शनि की साढ़े साती का अंतिम ढैया लाभकारी रहेगा, योजनाओं को मजबूत बनाएं।
- मीन : शनि की साढ़े साती का दूसरा ढैया लगेगा, स्वास्थ्य पर ध्यान दें, परिवार में मांगलिक कार्य होंगे।