
Shipra River Ujjain: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मोक्षदायिनी शिप्रा रविवार को फिर उफन गई। इस बार पानी छोटे पुल को छू गया। राम घाट पर स्नान के लिए बनीं पेढ़ियां और मंदिरों का कुछ हिस्सा दिनभर जलमग्न रहा। इधर, शहर में जल आपूर्ति का मुख्य केंद्र गंभीर बांध लगभग आधा भरा गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 2250 मिलियन क्यूबिक फिट (एमसीएफटी) जल संग्रहण क्षमता वाले बांध में बीते 24 घंटों में 248 एमसीएफटी पानी आया। इससे जल प्रदाय के लिए उपलब्ध पानी की मात्रा बढ़कर 1087 एमसीएफटी हो गई।
बांध में अब इतना पानी है कि दैनिक जरूरत 8 एमसीएफटी के अनुसार अगले 123 दिन नियमित जल प्रदाय किया जा सकता है। स्थिति को देख महापौर मुकेश टटवाल ने शहर में लागू एक दिन छोड़कर जल प्रदाय किए जाने की व्यवस्था को बंद कर रोजाना जल प्रदाय किए जाने का निर्णय जल्द लिए जाने का आश्वासन दिया है। इधर, कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त ने आज महाकाल सवारी को देखते हुए रामघाट एवं दत्त अखाड़ा घाट पर स्नान के विशेष इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए हैं।
शहर में अब तक इस सीजन की 270 मिलीमीटर बरसात हो चुकी है। गत वर्ष इस अवधि में 327 मिलीमीटर बरसात हो चुकी थी। जीवाजी वेधशाला के अनुसार रविवार शाम तक 24 घंटों में 8 मिलीमीटर बरसात हुई। दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से उछलकर 31.2 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 1 डिग्री लुढ़ककर 23 डिग्री पहुंचा। हवा 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। मौसम विभाग ने सोमवार को मध्यम बरसात होने का अनुमान जताया है।