
उज्जैन। कुछ नया करने की चाह हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता। कोई न कोई राह दिखा ही देता है। ऐसा ही कुछ दीपक जाटवा, रीना टटावत, दिलीप मुंदेरे, सीताराम भाट के साथ भी हुआ। इन्होंने छोटी सी मदद के बाद अपना व्यवसाय शुरू कर अपने परिवार की आर्थिक व्यवस्था को सुधारा।
संगिनी ग्रुप की अध्यक्ष ममता सांगते के प्रयासों, ग्रुप की संरक्षक और जिजीविषा की अध्यक्ष डा. सतिंदर कौर सलूजा के सहयोग से शनिवार को नव वर्ष में दीपक जाटवा ने ठेले पर व्यवसाय की शुरुआत की। सांगते ने बताया कि डा. सलूजा ने गत वर्ष दीपावली पर दीपक को व्यवसाय के लिए डेकोरेशन का सामान दिलवाया था। डेकोरेशन के व्यवसाय के बाद अब दीपक ने मौसमी व्यवसाय शुरू करने की इच्छा ममता के समक्ष रखी। इस पर डा. सलूजा ने दीपक को ठेले की मदद की। नव वर्ष पर शुरू किए व्यवसाय पर आयोजित कार्यक्रम में डा. सतिंदर कौर सलूजा, मप्र जन अभियान परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष प्रदीप पांडे, एलआइसी शाखा क्र. 2 के प्रबंधक दीपक विजयवर्गीय व संगिनी ग्रुप से जुड़ी कार्यकर्ता वरिष्ठ समाजसेविका भगवंती महावर, ऋतु रेनीवाल, प्रियंका यादव, शाहीन शाह आदि उपस्थित थे।
और भी लोगों का सुधरा जीवन
ममता सांगते ने 15 वर्ष पूर्व सीताराम भाट को डा. सलूजा के सहयोग से ठेला पर व्यवसाय शुरू करवाया। आज सीताराम का स्वयं का घर है। सीताराम ने बच्चों को भी शिक्षित बनाया, जो निजी कंपनी में कार्यरत हैं।
हामूखेड़ी में रहने वाले दिव्यांग दिलीप मुंदेरे का लाकडाउन में काम बंद हो गया। लाकडाउन में नमकीन का काम शुरू करवाया।
महिला रीना टटावत को दीपावली पर चूड़ियों का व्यवसाय शुरू करवाया गया। अब चूड़ियां बेचने के अलावा स्वयं का पार्ट टाइम व्यवसाय भी शुरू किया है। रीना स्वयं की आय से जीवन यापन कर रही हैं।