
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : चिमनगंज पुलिस ने सोमवार देर रात रणकेश्वर मंदिर के पास ब्रिज के नीचे से तांबे के स्क्रैप से भरे पांच लोडिंग वाहन जब्त किए हैं। वाहनों में करीब 11 टन तांबे का स्क्रैप मिला है, जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपए बताई गई है। तांबा पीथमपुर की फैक्ट्री से चोरी होना सामने आया है। पुलिस ने मामले में इंदौर के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पीथमपुर की एक फैक्ट्री के संचालक ने शिकायत की थी कि उसकी फैक्ट्री से अप्रैल से तांबे का स्क्रैप गायब हो रहा है। तांबा उज्जैन आ रहा है। सोमवार रात को मुखबिर से सूचना के बाद चिमनगंज पुलिस रणकेश्वर मंदिर के पास ब्रिज के नीचे पहुंची थी।
जहां से वाहन क्रमांक एमपी 09 एएक्स 5704, एमपी 09 एजे 2175, एमपी 09 बीके 4988, एमपी 09 बीआर 4162 व एक बगैर नंबर का वाहन को रोका गया था। वाहनों में तांबे का स्क्रैप भरा हुआ था। पुलिस ने चालकों से माल के बिल, बिल्टी और परिवहन संबंधी दस्तावेज मांगे थे। मगर वह वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके बाद चोरी का माल होने के संदेह में स्क्रैप सहित सभी वाहन जब्त कर लिया। पुलिस ने पांचों वाहनों का वजन कराया। वाहनों में 11 टन तांबे का स्क्रैप रखा हुआ था।
पुलिस ने स्क्रैप ले जा रहे सुरेश पुत्र मोहनलाल सोलंकी उम्र 44 वर्ष, राहुल पुत्र राधेश्याम चौहान उम्र 27 वर्ष, शंकर पुत्र कैलाशसिंह झाला उम्र 43 वर्ष, रामकिशन पुत्र मांगीलाल पंवार उम्र 55 वर्ष सभी निवासी गांधी नगर पैलेस सिरपुर रोड चंदन नगर इंदौर तथा विनायक पुत्र रमेश राठौर उम्र 22 वर्ष निवासी गुलमर्ग परिसर अंबामोलिया रोड बिचौली हप्सी कनाड़िया इंदौर को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वह पहली बार इस तरह का स्क्रैप लेकर उज्जैन आए थे। उन्हें एक गाड़ी का 3200 रुपये किराया दिया गया था। उन्होंने बताया कि माल इंदौर के इंडोरामा क्षेत्र से लोड किया गया था। आरोपितों ने एक व्यक्ति का नाम मोहसिन बताया, जो उनके साथ आया था और पुलिस की कार्रवाई के दौरान वहां से भाग गया।हालांकि, पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि इनमें से सुरेश ने पहले भी इस तरह का काम किए जाने और अलग-अलग जगह माल खपाने की बात बताई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पीथमपुर के व्यापारी की फैक्ट्री से तांबा चोरी हो रहा था। व्यापारी को जानकारी मिली थी कि उनकी फैक्ट्री से निकलने वाला स्क्रैप उज्जैन में खाली किया जा रहा है। मुखबिर से सचूना के बाद पांच वाहनों को पकड़ा गया। एसपी शर्मा के अनुसार कंपनी मालिक को आशंका है कि अप्रैल से ही इस तरह तांबे के स्क्रैप की चोरी या साइफनिंग हो रही थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कंपनी के अंदर कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे और चोरी का माल किन लोगों के माध्यम से खपाया जा रहा था।
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