
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : स्टाइपेंड में समानता की मांग कर रहे शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के विद्यार्थियों का आंदोलन और तेज हो गया है। धरने पर बैठे 250 विद्यार्थियों के बीच दो छात्राओं- अंजली राठौर और मुस्कान मंडावत ने भूख हड़ताल शुरू कर दी।
अंजली राठौर और मुस्कान मंडावत दोनों देर रात तक भूख हड़ताल पर बैठी रहीं। इस दौरान विद्यार्थियों ने सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए यज्ञ किया। विद्यार्थियों ने दो टूक कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
मालूम हो कि विद्यार्थियों की नाराजगी की वजह मानदेय में बड़ा अंतर है। उनका कहना है कि करीब 20 दिन पहले संबंधित अधिकारियों और आयुष मंत्री को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने 23 सितंबर को भोपाल के आयुर्वेद महाविद्यालय में स्टाइपेंड जल्द बढ़ाने की घोषणा की थी।
इसके बाद भी अब तक लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। इसी देरी ने नाराजगी को आंदोलन में बदल दिया। सोमवार से शुरू हुए धरने में छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने यज्ञ कर सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की।
इसके बाद अंजली राठौर और मुस्कान मंडावत भूख हड़ताल पर बैठ गईं। देर रात तक दोनों अपनी मांग पर अड़ी रहीं। आंदोलनकारियों ने साफ किया कि मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। विद्यार्थियों ने दो टूक कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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