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धोखाधड़ीः ताजपुर के युवक से शादी करवाने के नाम पर लिए थे 13 हजार
-पुलिस कड़ाई से कर रही पूछताछ
उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। यूनाइटेड इंटरनेशनल ह्यूमन राइट ट्रस्ट (मानव अधिकारी संस्थान) का सदस्य बनाने के नाम पर हजारों रुपये ठगने वाली महिला के खिलाफ मंगलवार को पंवासा पुलिस ने चौथा केस दर्ज किया है। शिरीन ने ताजपुर के एक युवक को शादी करवाने का झांसा देकर उससे 13 हजार रुपये ले लिए और उसकी शादी तक नहीं करवाई। पुलिस ने युवक की शिकायत पर शिरीन व ताजपुर की एक महिला पर केस किया है। वहीं शिरीन ने ताजपुर में दो बार पारिवारिक विवाद सुलझाने के नाम पर शिविर आयोजित किए थे।
पंवासा पुलिस ने बताया कि कन्हैयालाल माली निवासी ग्राम जम्बूरा मक्सी रोड ने मंगलवार को शिकायत की है कि उसकी शादी वर्ष 2013 में हुई थी। इसके बाद उसका तलाक वर्ष 2016 में हो गया था। कन्हैयालाल का छह वर्ष का बालक है। दो माह पूर्व ताजपुर निवासी प्रेमलता बाई पत्नी कैलाश गुरु के घर महिला सुरक्षा राष्ट्रीय सचिव मानव अधिकार शिरीन हुसैन शामिल हुई थी। प्रेमलता ने कन्हैयालाल की मुलाकात शिरीन हुसैन से करवाई थी। शिरीन ने उसकी शादी करवाने का झांसा देकर 13 हजार रुपये ले लिए थे। मगर उसकी दो माह तक शादी नहीं करवाई। रुपये वापस मांगने पर शिरीन ने रुपये देने से इंकार कर दिया। मामले में पुलिस ने शिरीन व प्रेमलताबाई के खिलाफ केस दर्ज किया है।
प्रेमलता को मिलता था कमिशन
पुलिस ने बताया कि प्रेमलताबाई ही पारिवारिक विवाद के कारण परेशान महिलाओं व ऐसे लोग जिनकी शादी नहीं हो रही थी, उन्हें शिरीन से मिलवाती थी। इसके एवज में शिरीन उसे तीन हजार रुपये देती थी। पुलिस प्रेमलता की तलाश में जुटी है। पुलिस को पता चला है कि प्रेमलता ने मानव अधिकार के नाम पर अपने घर पर दो कार्यक्रम आयोजित करवा चुकी है। इसमें शिरीन मानव अधिकार की राष्ट्रीय महासचिव बनकर लोगों को पारिवारिक विवाद सुलझाने व शादी करवाने का झांसा देती थी।
एसपी ने की पूछताछ
शिरीन की तबीयत सुधरने के बाद उसे अस्पताल से थाने ले जाया गया है। यहां पर एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ला ने भी पहुंचकर उससे पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि शिरीन के बैंक खाते में लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन मिला है। इसके बारे में पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा उसके घर व कार की डिटेल भी खंगाली जा रही है।
यह है पूरा मामला
शिरीन हुसैन ने यूनाइटेड इंटरनेशनल ह्यूमन राइट ट्रस्ट (मानव अधिकारी संस्थान) के फर्जी लेटरपैड छपवाकर सदस्य बनाए गए थे। शिरीन ने बुरहानपुर के करीब 30 लोगों से संस्था का सदस्य बनवाने व आइडी कार्ड देने के नाम पर 11-11 हजार रुपये ले लिए और संस्था की अध्यक्ष मधु यादव के फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें कार्ड भी वितरित कर दिए। इसकी जानकारी राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन संस्था की अध्यक्ष मधु यादव को लगी तो उन्होंने उज्जैन पहुंचकर नागझिरी थाने में शिरीन के केस दर्ज करवाया था। पुलिस ने शनिवार को शिरिन को गिरफ्तार कर रविवार को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। सोमवार को महिला पुलिस ने दो महिलाओं की शिकायत पर उसके खिलाफ केस दर्ज किए थे।