
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मंछामन कॉलोनी में बगैर पंजीयन चल रहे नोबल पाली क्लीनिक में शनिवार को आपरेशन के दौरान एक बालिका की मौत हो गई। क्लीनिक के डाक्टरों ने शव को एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल भेज दिया। इसके बाद डाॅक्टर व कर्मचारी क्लीनिक पर ताला लगाकर भाग निकले।
नाराज स्वजन ने डाॅक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आगर रोड पर शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। तीन थानों की पुलिस ने स्वजन को समझाइश दी है। सीएमएचओ ने क्लीनिक सील करवा दिया। नीलगंगा पुलिस जांच में जुटी है।
पुलिस ने बताया कि दीपिका पुत्री मेहरबान उम्र 11 वर्ष निवासी ग्राम पिलियाखेड़ी राघवी सातवीं कक्षा की छात्रा थी। एक माह से पेट में दर्द होने के कारण स्वजन ने उसे उज्जैन में मंछामन कॉलोनी स्थित नोबल पाली क्लीनिक में राजेश चौहान को दिखाया था। एक माह तक क्लीनिक में बालिका का उपचार किया गया था।
शनिवार को क्लीनिक में ही बालिका का अपेंडिक्स का ऑपरेशन किया गया था। जहां उसकी माैत हो गई थी। डाॅक्टर ने इसकी जानकारी स्वजन को नहीं दी और एंबुलेंस से शव को फ्रीगंज स्थित अपना अस्पताल भेज दिया था।
स्वजन अपना अस्पताल पहुंचे तो वहां उन्हें बताया गया कि बालिका की मौत हो गई है। इसके बाद स्वजन बालिका का शव लेकर नोबल अस्पताल पहुंचे थे। मगर वहां के डाॅक्टर व कर्मचारी ताला लगाकर भाग चुके थे।
बालिका की मौत को लेकर स्वजन ने क्लीनिक के बाहर ही शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया था। जानकारी मिलने पर नीलगंगा पुलिस व सीएमएचओ अशोक पटेल मौके पर पहुंचे थे। क्लीनिक को सील कर दिया है। आरोपित डाॅक्टर की तलाश की जा रही है।
सीएमएचओ अशोक पटेल ने बताया कि क्लीनिक में केवल मरीज को स्वास्थ्य परामर्श दिया जाता है। ऑपरेशन नहीं किया जा सकता है। जबकि नोबल पाली क्लीनिक में बालिका का ऑपरेशन किया गया था। आशंका है कि नस कटने से अधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हुई है। पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। क्लीनिक किसी राजेश चौहान का बताया जा रहा है। उसके भी दस्तावेज खंगाले जा रहे है।
बालिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएम कक्ष भिजवाया गया था। स्वजन ने हंगामा करते हुए शव को चरक अस्पताल के बाहर यातायात जाम कर दिया। जिस पर नीलगंगा, माधव नगर व कोतवाली पुलिस व सीएसपी दीपिका शिंदे मौके पर पहुंचे थे। स्वजन की मांग थी कि आरोपित डाक्टर को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस ने स्वजन को समझाइश देकर जाम खुलवाया।
बताया जा रहा है कि नोबल अस्पताल में इलाज कर रहे डाॅक्टर ने बालिका के उपचार संबंधित फाइल भी स्वजन से छीनकर अपने पास रख ली थी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद आरोपित डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।